देहरादून। उत्तराखंड में इस सप्ताह मानसून की विदाई लगभग तय हो चुकी है, जिससे पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के लौटने से पहले राज्य के पहाड़ी इलाकों में हल्की बौछारें पड़ने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उत्तराखंड से मानसून के इसी हफ्ते विदा होने के सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। इसके साथ ही बारिश की गतिविधियों में अब तेजी से कमी आएगी।
इस साल मानसून सीजन में उत्तराखंड में रिकॉर्ड 1160.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह आंकड़ा सामान्य औसत बारिश की तुलना में करीब दो फीसदी अधिक है, जिससे राज्य के जलस्रोतों को राहत मिली है। मौसम विभाग द्वारा जारी बुधवार के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चम्पावत, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
इन सात पर्वतीय जिलों को छोड़कर प्रदेश के मैदानी और अन्य सभी हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। राजधानी देहरादून में गर्मी का असर बना हुआ है। बीते 24 घंटे में दून का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। यहां न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इसके अलावा पाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे रात के समय भी हल्की गर्माहट महसूस की जा रही है। मानसून की विदाई प्रक्रिया शुरू होने से पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन का खतरा कम होगा, जिससे चारधाम यात्रा और स्थानीय जनजीवन को बड़ी राहत मिलेगी।
मौसम साफ होने के साथ ही आने वाले दिनों में पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हल्की गुलाबी ठंड की दस्तक देखने को मिल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र लगातार परिस्थितीय बदलावों पर नजर बनाए हुए है और पर्यटकों व स्थानीय निवासियों को पर्वतीय इलाकों में यात्रा के दौरान मौसम अपडेट देखने की सलाह दी गई है।

