देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब उन्हें इस अस्पताल में विशेष उपचार और कैशलेस इलाज की बेहतरीन सुविधा मिल सकेगी।
इस स्वास्थ्य सेवा को शुरू करने के लिए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज और क्षेत्रीय केंद्र ईसीएसएच के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस एमओयू पर दून मेडिकल कॉलेज की डीन एवं प्राचार्या डॉ. गीता जैन और क्षेत्रीय केंद्र ईसीएसएच के निदेशक कर्नल जितेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, ईसीएसएच पोर्टल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगामी तीन से चार दिनों में यह सुविधा शुरू होने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद पात्र लाभार्थी अस्पताल में कैशलेस इलाज का सीधा लाभ उठा सकेंगे। ईसीएसएच से जुड़ने के बाद लाभार्थियों को ओपीडी से लेकर इनडोर तक इलाज की सभी सुविधाएं मिल सकेंगी। सरकारी मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी समेत कई विशेषज्ञ विभाग संचालित हैं, जिससे गंभीर बीमारियों का उपचार संभव होगा।
इस नई व्यवस्था से दून और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले ईसीएसएच लाभार्थियों की अन्य अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी। सरकारी क्षेत्र में उपचार का एक और मजबूत विकल्प मरीजों के लिए उपलब्ध हो गया है। नियमों के तहत इस योजना का लाभ पूर्व सैनिकों के साथ वीर नारियों और उनके आश्रितों को भी मिलता है। इस अवसर पर एमएस डॉ. आरएएस बिष्ट, डॉ. सलिल गर्ग, डॉ. विनय मित्तल और कर्नल हिमांशु कांडपाल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

