मंत्री जी को समय नही था..
इस बार हमारे अधिवेशन में
मंत्री जी को समय नहीं था।
मंत्री जी को कार्य बहुत हैं
कितना आना कितना जाना
विजय रैलियों का आयोजन
इनसे मिलना उन्हें मिलाना
हम सब मूक बधीर बालक से
कुछ गा लेंगे बत्तिया लेंगे
सज्जन गोष्टी करेंगे मिलकर
हम किसको ही क्या दे देंगे
नृत्य नाटिका मंडली न थी
युद्ध काल के मान बचे थे
धन पाकर क्या प्राप्त करे कोई
मृतकों के सम्मान बचे थे
कितने सारे विषय बचे थे
कुछ तुम कहते कुछ हम कहते
तृतीय लहर की तैयारी में
तुम हमको आशिषें देते
यदि मन हो तो ताली होगी
वाह वाह की थाली होगी
यदि मनोचित नही हुआ तो
क्षुब्ध हृदय से गाली होगी
कुछ थके हुए कुछ स्फूर्तिहीन
कुछ द्वितीय लहर से क्षीण क्षीण
था आमंत्रण हो शक्ति मान
हो कर्मयुद्ध का विजयगान
ये नही हुआ।।।
अपनी शक्ति समायोजित कर
किंतु दोबारा खड़े हुए हम
महानिदेशक की अशिषो
से फिर आगे बड़े हुए हम
वो सबसे बढ़कर प्राण हमारी
सेनानायक शान हमारी
तृतीय लहर से भी लड़ लेंगे
फिर जाए यदि जान हमारी
हम लड़ते हैं सब स्वस्थ रहे
सब हो चुनाव आश्वस्त रहे
सब रैली हो आयोजन हो
पर अब न स्नेह निमंत्रण हो।।
पर अब न स्नेह निमंत्रण हो।