राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने हरिद्वार जिले के नारसन विकासखंड की ग्राम पंचायत बिझौली में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस पहल के तहत उत्तराखंड के 25 गांवों को ‘मॉडल विलेज’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य गांवों में सरकारी सेवाओं को डिजिटल बनाना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है, ताकि ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए शहर या तहसील के चक्कर न काटने पड़ें।
डिजिटल सचिवालय और जनसुनवाई की नई सुविधा
मंत्री ने हरिद्वार की 25 ग्राम पंचायतों में नवनिर्मित ‘मिनी सचिवालयों’ और ‘डिजिटल परिवार रजिस्टर प्रणाली’ का लोकार्पण किया है। अब ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। हर सोमवार को ग्रामीण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे जिलाधिकारी की जनसुनवाई से जुड़ सकेंगे। साथ ही, ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में सोमवार और गुरुवार को पंचायत स्तर पर भी जनसुनवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार पर लगाम और बजट का प्रावधान
डिजिटल परिवार रजिस्टर प्रणाली लागू होने से अब ग्रामीणों को कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से किसी भी दस्तावेज की नकल तुरंत मिल सकेगी, जिससे फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह के अनुसार, इस योजना के लिए अनुपयोगी हो चुके 25 पंचायत भवनों का चयन किया गया था। प्रत्येक भवन के जीर्णोद्धार और उसे हाईटेक सुविधाओं व इंटरनेट से लैस करने के लिए 4 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। अब ये भवन पूरी तरह से आधुनिक मिनी सचिवालय के रूप में तैयार हैं।

