देहरादून। राजधानी देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बिधाौली और कंडोली इलाके में आबकारी विभाग और प्रवर्तन दल ने एक बड़े अवैध शराब सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त प्रेरणा बिष्ट के निर्देशन में 8 अक्टूबर को डाली गई इस रेड के दौरान हॉस्टल के कमरे से चंडीगढ़ मार्का भारी मात्रा में महंगी विदेशी शराब और बियर बरामद की गई है।
छापेमारी के दौरान टीम ने आरोपी आदित्य कुमार पुत्र पंकज कुमार (निवासी उत्तरप्रदेश) के कमरे और बाहर खड़ी बिना नंबर की टीवीएस जुपिटर स्कूटी से कुल 95 बोतलें इंपोर्टेड शराब और 28 कैन बडवाइजर बियर जब्त की। बरामद शराब पर ‘फॉर सेल इन चंडीगढ़ Only’ का मार्का है, जिसमें रेड लेबल और वेलेंटाइन जैसे महंगे ब्रांड शामिल हैं।
पकड़े गए अभियुक्त आदित्य ने पूछताछ में खुलासा किया कि यह शराब गर्वित उर्फ विक्रांत की है, जो वर्तमान में देहरादून के एक कॉलेज में लॉ का छात्र है और इलाके में ‘ऑल राउंडर चाचा’ नाम से तीन ढाबे भी चलाता है। गर्वित पिछले एक साल से अधिक समय से इस काले कारोबार का मास्टरमाइंड बना हुआ था।
तस्करी के इस खेल को चलाने के लिए आरोपी गर्वित ने कॉलेज के गरीब छात्रों को पैसों का लालच दिया और कई बार डरा-धमकाकर होम डिलीवरी के काम में झोंक दिया था। इतना ही नहीं, इस अवैध धंधे के लिए हरियाणा से भी कुछ लड़कों को बुलवाया गया था, जिनकी निगरानी के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था।
इस व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए तस्कर लड़के सुबह-शाम अपनी लोकेशन और सेल्फी भेजकर हाजिरी लगाते थे। डिलीवरी को सेफ रखने के लिए गर्वित ने करीब 10 बिना नंबर की स्कूटी इलाके में उतार रखी थीं, जिनमें से आबकारी विभाग पिछले दो महीनों में 4 स्कूटी जब्त कर चुका है।
पिछली कार्रवाई के दौरान जब आबकारी टीम ने दबिश दी थी, तब मुख्य आरोपी गर्वित फरार हो गया था और पुलिस ने उसकी माँ को अवैध शराब की बिक्री और संग्रहण की धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हाईकोर्ट और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद आखिरकार फरार आरोपी गर्वित ने देहरादून मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सरेंडर कर दिया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई को अंजाम देने वाली संयुक्त टीम में आबकारी निरीक्षक मसूरी दिवाकर चौधरी, आबकारी निरीक्षक प्रवर्तन दल देहरादून जयवीर सिंह, उप आबकारी निरीक्षक उमराव सिंह राठौर, आशीष प्रकाश, अर्जुन सिंह, विजय कोठियाल और हेड कांस्टेबल राकेश नाथ, गोविंद सिंह, हेमंत, नौशाद व रीनू कुमार सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।

