देहरादून। देहरादून में भले ही इस वर्ष डेंगू के मामले पिछले साल के मुकाबले काफी नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन संक्रमण का खतरा अभी भी पूरी तरह टला नहीं है और लगातार नए मरीज सामने आ रहे हैं। मंगलवार को एक साथ डेंगू के सात नए मामले मिलने से स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की चिंता एक बार फिर काफी बढ़ गई है। वर्तमान में इन सभी संक्रमित मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है और डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल सामान्य बनी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इन सात नए मरीजों में चार मरीज दून के वनस्थली कॉलोनी, नारायण विहार, हरभजवाला और मसूरी क्षेत्र के निवासी शामिल हैं। इसके अलावा अन्य तीन मरीजों में एक बिजनौर, एक टिहरी गढ़वाल और तीसरा मरीज पिथौरागढ़ का रहने वाला बताया गया है। सेहत में सुधार होने के कारण इनमें से दो मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि शेष पांच मरीजों का उपचार अभी भी लगातार जारी है।
जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक कुल 37,942 सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें से 280 मरीज अभी तक पॉजिटिव पाए गए हैं। राहत की बात यह है कि इनमें से 261 मरीज पूरी तरह ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं, जबकि 19 मरीज अभी भी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और बारिश के चलते मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिससे खतरा अभी भी बना हुआ है।
इस स्थिति को देखते हुए नगर निगम की ओर से वार्डों में की जाने वाली फॉगिंग की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है और दून के सभी 100 वार्डों में छोटी मशीनों से फॉगिंग कराई जा रही है। जिन इलाकों में पानी भरा रहता है, उन क्षेत्रों को विशेष रूप से चिह्नित करके वहां टैंकों के माध्यम से लार्वासाइडर का छिड़काव लगातार किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की विदाई के बाद होने वाली बारिश और साफ पानी के चार-पांच दिन ठहरने से एडीज मादा मच्छर आसानी से अंडे दे देते हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस समय बरती जाने वाली ज़रा सी भी लापरवाही बड़ा खतरा बन सकती है, क्योंकि डेंगू के नए मामलों का सामने आना इसी खतरे का स्पष्ट संकेत दे रहा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग आम जनता से अपील कर रहे हैं कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें और पूरी सतर्कता बरतें।

