देहरादून। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बिधोली गांव में साइबर ठगी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड और मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताने वाले साइबर ठगों ने एक दंपती को डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर ₹45.85 लाख की भारी-भरकम रकम ठग ली। पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर देकर अपनी गाढ़ी कमाई वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
घटना की शुरुआत 16 अगस्त के आसपास हुई, जब ठगों ने दंपती के मोबाइल पर फोन कर उनके नंबर का इस्तेमाल किसी आतंकी हमले में होने की बात कही। खुद को मुंबई एटीएस मुख्यालय और क्राइम ब्रांच का सब इंस्पेक्टर रंजीत कुमार बताने वाले इन जालसाजों ने दंपती को उनके तीनों बच्चों की सुरक्षा का हवाला देकर बुरी तरह डरा दिया। इसके बाद जांच के नाम पर आरबीआई के अलग-अलग खातों में पैसे जमा करने का दबाव बनाया गया।
साइबर अपराधियों ने शातिर तरीके से दंपती को लगातार फोन और व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर अपनी वर्चुअल निगरानी में रखा। हैरान करने वाली बात यह है कि ठगों ने एक वीडियो कॉल को लगातार करीब 60 घंटे तक जोड़े रखा और दंपती को किसी से भी बात करने की सख्त मनाही थी। इसी मानसिक दबाव और खौफ के साये में रहकर दंपती ने किसी को कुछ नहीं बताया और ठगों के निर्देश पर पैसे ट्रांसफर करते रहे।
पीड़ितों ने 21 से 27 अगस्त के बीच पांच अलग-अलग किस्तों में कुल ₹45.85 लाख ट्रांसफर किए। इसमें चार बार आरटीजीएस और एक बार बैंक शाखा में जाकर नकद राशि जमा कराई गई। ठगों ने ये पैसे सनातन ट्रेडर्स (₹15 लाख), प्रागज्योतिष एंटरप्राइजेज (₹11.35 लाख), इंटिमेटेक्स प्राइवेट लिमिटेड (₹11.50 लाख), शांबा मुराम (₹5 लाख) और आदित्य संदीप महाराज (₹3 लाख) के खातों में ट्रांसफर करवाए। इसके बाद आरोपी उन पर अपनी जमीन बेचकर और पैसे देने का दबाव बना रहे थे।
इस हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी का खुलासा 3 अक्टूबर को तब हुआ जब दंपती की बेटी अचानक घर पहुंची। उसने अपने माता-पिता को लगातार लंबे समय से वीडियो कॉल पर डरे हुए अवस्था में बात करते देखा और पूछताछ की। बेटी के सवाल करने पर दंपती घबरा गए और उन्होंने तुरंत कॉल काट दी, जिसके बाद ठगों के फोन आने बंद हो गए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित दंपती ने प्रेमनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने बैंक खातों को फ्रीज करने और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

