देहरादून: 20 दिन पहले काम पर आए नेपाली नौकर ने BJP पार्षद के परिवार को दिया नशीला खाना, लाखों के गहने समेटकर फरार

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देहरादून। राजधानी देहरादून में सुरक्षा व्यवस्था और घरेलू सहायकों के सत्यापन पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है। शहर के बल्लीवाला चौक स्थित नाथ वाटिका निवासी भारतीय जनता पार्टी की पार्षद अमिता सिंह के घर उनके ही घरेलू सहायक ने मंगलवार रात नशीला खाना खिलाकर पूरे परिवार को बेहोश कर दिया। इसके बाद आरोपी नौकर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर घर में रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण समेटकर रफूचक्कर हो गया।

इस वारदात का खुलासा तब हुआ जब बुधवार को परिवार के सदस्यों को आंशिक रूप से होश आया और उन्होंने घर की अलमारियां टूटी तथा सामान बिखरा हुआ देखा। घटना की भनक लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय निवासियों की भीड़ इकट्ठा हो गई। आनन-फानन में मामले की सूचना देहरादून पुलिस को दी गई।

मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बेहोशी की हालत में मिली भाजपा पार्षद अमिता सिंह को तुरंत पास के सिनर्जी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, उनके पति महिपाल सिंह और बेटे शुभम सिंह की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है।

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पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी घरेलू सहायक नेपाल मूल का निवासी है। भाजपा पार्षद की बेटी मेघा ने करीब 20 दिन पहले ही उसे दिल्ली से घरेलू कामकाज और देखभाल के लिए देहरादून स्थित अपने आवास पर बुलाया था। आरोपी ने शुरुआती दिनों में बेहद शालीनता और ईमानदारी का नाटक कर परिवार का पूरा भरोसा जीत लिया।

मंगलवार की रात आरोपी ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत रात के भोजन में कोई तीखा जहरीला या नशीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाते ही परिवार के सभी सदस्य एक-एक कर अचेत हो गए। इसके बाद आरोपी ने अपने अन्य बाहरी साथियों को घर के भीतर बुलाया और बेफिक्र होकर अलमारियों में रखे लाखों रुपये मूल्य के सोने के जेवरात और कीमती सामान समेटकर मौके से फरार हो गया।

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घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस के उच्चाधिकारियों ने तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से फिंगरप्रिंट और भोजन के नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें लैब टेस्ट के लिए भेजा गया है। पुलिस की कई टीमें अब बल्लीवाला चौक, नाथ वाटिका और मुख्य हाईवे की ओर जाने वाले रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगाल रही हैं, ताकि आरोपियों के भागने की सटीक दिशा का पता लगाया जा सके।

देहरादून पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है। फरार आरोपी और उसके संभावित मददगारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर कई संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। इसके अलावा, आरोपी के नेपाल भागने की आशंका को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों और दिल्ली-एनसीआर पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है।

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इस हाई-प्रोफाइल आपराधिक घटना के बाद देहरादून पुलिस प्रशासन एक बार फिर सख्त रुख अपना रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना पुलिस वेरिफिकेश के किसी भी बाहरी या अज्ञात व्यक्ति को घर में काम पर रखना जान-माल के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात को अंजाम देने के पीछे कोई संगठित अंतरराज्यीय गिरोह काम कर रहा था। अधिकारियों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे किसी भी घरेलू सहायक, किराएदार या कर्मचारी को रखने से पहले स्थानीय थाने में उनका पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं।