देहरादून। देहरादून शहर के बिधौली क्षेत्र में बॉलीवुड फिल्म ‘ओए लकी-लकी ओए’ के सुपर चोर की तर्ज पर एक बेहद अनोखी और सनसनीखेज चोरी का मामला सामने आया है। दून के आपराधिक इतिहास में शायद यह अपनी तरह की पहली घटना है, जहां चोरों ने रात के अंधेरे में सेंध लगाने के बजाय दिनदहाड़े एक बंद पड़े हॉस्टल को पूरी तरह खाली कर दिया। इस दुस्साहसिक वारदात का खुलासा 9 अक्टूबर को तब हुआ जब हॉस्टल संचालक वहां पहुंचे और उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
घटना बिधौली थाना क्षेत्र की है, जहां अधिवक्ता रजत दुआ का एक हॉस्टल लंबे समय से बंद चल रहा था और उस दौरान हॉस्टल का केयरटेकर भी छुट्टी पर था। इसी बात का फायदा उठाकर एक शातिर गैंग ने 4 से 7 अक्टूबर के बीच इस बड़ी चोरी को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे सामान्य चोरों की तरह छिपकर नहीं आए, बल्कि खुद को नया खरीदार बताकर पूरी बेखौफ अंदाज में वहां दाखिल हुए।
शातिर चोरों ने दिनदहाड़े गाड़ियां और छोटे लोडर लाकर हॉस्टल से सामान ढोना शुरू कर दिया था। जब आसपास के पड़ोसियों ने तोड़फोड़ और सामान ले जाने का कारण पूछा, तो आरोपियों ने बड़ी चालाकी से खुद को नया मालिक बताते हुए एक कथित फर्जी एग्रीमेंट दिखा दिया। फर्जी दस्तावेज दिखाने के कारण पड़ोसियों को कोई शक नहीं हुआ और चोर चार दिनों तक इत्मीनान से हॉस्टल साफ करते रहे।
इस बड़ी चोरी के दौरान शातिर चोरों ने बंद पड़े हॉस्टल के 30 कमरों से कुल 70 बेड, 32 गीजर, 35 अलमारियां, दो डीप फ्रीजर और छह गैस सिलेंडर पर हाथ साफ कर लिया। हद तो तब हो गई जब चोरों ने हॉस्टल के 20 दरवाजे, सभी खिड़कियों के एल्यूमीनियम चैनल और बाथरूम की टोटियां व शावर तक उखाड़कर चुरा लिए। इस पूरे चोरी किए गए सामान की कुल कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी शेखर सुयाल ने बताया कि पुलिस ने रविवार को इस संबंध में चोरी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों की धरपकड़ और उनकी तलाश के लिए पुलिस की कई विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है जो लगातार दबिश दे रही हैं।

