CMO ने किया लोहाघाट सामुदायिक अस्पताल का औचक निरीक्षण

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उत्तराखंड में स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी बदलते ही पूरे राज्य के अस्पतालों को शायद अपनी जिम्मेदारी का अहसास होने लगा है। ऐसे में चंपावत के सीएमओ ने भी सरकारी अस्पतालों को खंगालना शुरू कर दिया है। लोहाघाट में सीएमओ साहब ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जांच पड़ताल की तो पता चला कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के बिस्तर की चादर रोज नहीं बदली जाती. जिस सीएमओ साहब ने नाराजगी जताई और नर्सिंग स्टॉफ को हिदायत दी। इस मौके पर सी.एम.ओ. देवेश चौहान ने सभी भर्ती मरीजों से उनका हालचाल जाना। चल रहे इलाज का फीडबैक लिया साथ ही साथ मरीजों की दवा भी जांची।

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वहीं सीएमओ ने अस्पताल के सीएमएस को आयुष्मान कार्ड पर ज्यादा फोकस करने की हिदायत के साथ साथ ज्यादा से ज्यादा दवा अस्पताल से मुहैया कर ताकि गरीब-गुरबों को आसानी से इलाज मिल सके। वहीं मीडिया को जानकारी देते हुए सीएमओ साहब ने बताया कि लोहाघाट के इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 100 बिस्तर वाला बनाने के लिए शासन से गुजारिश की है। ताकि इलाके के दूर-दराज से आने वाले मरीज और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। वहीं अस्पताल परिसर में आजकल ऑप्रेशन थियेटर का निर्माण चल रहा है।

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उम्मीद है कि आने वाले वक्त में जरूरतमंदों की शल्य चिकित्सा इस सरकारी अस्पताल में ही हो जाएगी। बहरहाल आपको बता दें कि, अभी लोहाघाट का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पचास बिस्तर की क्षमता वाला है। बहरहाल लोहाघाट के सामुदायिक अस्पताल की ख्वाहिश कब तक पूरी होती है इसका इंतजार करना होगा।