देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘उत्तराखण्ड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति-2024’ के तहत मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में 06 वाहन स्वामियों को पूंजीगत अनुदान एवं प्रोत्साहन राशि के सब्सिडी चेक सौंपे। इस दौरान परिवहन विभाग ने 05 अन्य लाभार्थियों की भी स्वीकृति प्रक्रिया पूरी कर ली है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वच्छ ईंधन से चलने वाले 11 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सब्सिडी केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उत्तराखंड को प्रदूषण मुक्त और आधुनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ने का राज्य सरकार का संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के शहरी इलाकों में स्वच्छ ईंधन आधारित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। इससे सड़कों पर दौड़ रहे पुराने डीजल चालित वाहनों से होने वाले धुएं और वायु प्रदूषण में बड़ी कमी आएगी।
वैश्विक जलवायु परिवर्तन की चुनौती का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना आज समय की सबसे बड़ी मांग है। प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर किया गया विकास ही आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित कर सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज वैश्विक स्तर पर ग्रीन एनर्जी का नेतृत्व कर रहा है। वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य, पीएम ई-बस सेवा और लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट जैसे अभियान इसी दिशा में उठाए गए बड़े कदम हैं।
देवभूमि उत्तराखंड की महत्ता पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि गंगा-यमुना जैसी जीवनदायिनी नदियों की इस पावन भूमि की जैव विविधता और वन संपदा को बचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। राज्य सरकार विकास और पर्यावरण को एक-दूसरे का पूरक मानकर काम कर रही है।

स्वच्छ गतिशीलता नीति के तहत राज्य के प्रमुख शहरों देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी में इलेक्ट्रिक बसों के नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए प्रदेशभर में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।
पर्वतीय और व्यस्त शहरी क्षेत्रों में यातायात को सुगम बनाने के लिए सरकार रोप-वे और आधुनिक अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर तेजी से काम कर रही है। इससे पहाड़ी रास्तों पर वाहनों का दबाव कम होगा और जाम से निजात मिलेगी।

हरित ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियां साझा करते हुए सीएम धामी ने बताया कि ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत उत्तराखंड ने 40 हजार रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का शुरुआती लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिया है और अब तक कुल लक्ष्य का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
सब्सिडी पाने वाले वाहन चालकों को ‘हरित क्रांति का अग्रदूत’ बताते हुए मुख्यमंत्री ने अपील की कि जनभागीदारी के बिना कोई भी बदलाव स्थाई नहीं हो सकता, इसलिए हर नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान से जुड़ना होगा।
इस कार्यक्रम में राज्य के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, देहरादून की विधायक सविता कपूर, मेयर सौरभ थपलियाल, परिवहन सचिव रविनाथ रमन सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

