देहरादून। “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देने वाली भाजपा के लिए देहरादून से एक शर्मनाक मामला सामने आया है। शहर की वार्ड नंबर 36 की भाजपा पार्षद अमिता सिंह के बेटे पर एक नाबालिग लड़की के अपहरण का संगीन मुकदमा दर्ज हुआ है।
पीड़ित परिवार ने देहरादून कोतवाली में तहरीर दी है जिस पर पुलिस ने तहकीकात शुरू कर दी है। तहरीर में बताया गया है कि पार्षद अमिता सिंह के बेटे शुभम चौधरी ने उनकी बेटी को अगुवा किया है । लिहाजा बीती 24 जुलाई से उनकी नबालिग बेटी लापता है। पीड़ित परिवार ने पुलिस को दो टूक कहा कि उन्हें अपनी बेटी की जिंदगी का डर है। वे उसकी सलामती को लेकर फिक्रमंद हैं।
ये मामला ऐसे समय पर आया है जब भाजपा “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान की सबसे बड़ी हिमायती बनी हुई है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या बेटियों को बचाकर पढ़ाकर इसलिए बड़ा किया जाए ताकि सत्ता से जुड़े लोगों के बिगड़े बेटे उन्हें अपना निशाना बना सकें?
हालाकि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन सवाल ये है कि क्या एक जनप्रतिनिधि के बेटे पर लगे इस आरोप की निष्पक्ष जांच हो पाएगी? साथ ही साथ इससे भाजपा की साख पर भी दाग लगा है..लिहजा जरूरत है भाजपा को अपने गिरेबान में झांकने की ताकि बिगैडेल शौहदे उनके सिंद्धातों और नारों का तमाशा न बना सकें।
बहरहाल तहरीर जांच पड़ताल में सही साबित हुई तो ये भाजपा के लिए एक बड़ा झटका होगा। पार्टी के दामन पर लगा ये दाग आसानी से नहीं धुलेगा। फिलहाल पुलिस से उम्मीद है कि वो इस मामले में बिना किसी दबाव के कार्रवाई करेगी और नाबालिग को सुरक्षित परिजनो के पास पहुंचा पाएगी.

