CM धामी ने किया ‘बाला गौरिया’ फिल्म के टीजर-पोस्टर का विमोचन, गोलज्यू के बाल जीवन पर है आधारित

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने शासकीय आवास पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पौराणिक आख्यानों पर आधारित फिल्म ‘बाला गौरिया’ के टीजर और पोस्टर का विमोचन किया। ‘हिमाद्रि प्रोडक्शंस’ के बैनर तले तैयार यह फिल्म उत्तराखंड में ‘न्याय के देवता’ के रूप में पूजे जाने वाले गोलज्यू के बाल जीवन पर आधारित है।

फिल्म ‘बाला गौरिया’ का निर्देशन नितिन तिवारी ने किया है और इसके निर्माता मनोज चंदोला हैं। लोकार्पण के दौरान फिल्म की स्टारकास्ट और निर्माण टीम के सदस्य मौजूद रहे। निर्माताओं के मुताबिक, यह फिल्म आगामी अक्टूबर के पहले सप्ताह में सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी।

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लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म टीम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोक परंपराएं, देवगाथाएं और समृद्ध विरासत हमारी असली पहचान हैं। ‘बाला गौरिया’ जैसी सांस्कृतिक फिल्में हमारी धरोहर को नई पीढ़ी से जोड़ने और वैश्विक स्तर पर पेश करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में फिल्म पर्यटन और शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और विविध भौगोलिक परिस्थितियां उत्तराखंड को फिल्म निर्माताओं के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन बनाती हैं।

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राज्य की पर्यटन नीति का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने बताया कि फिल्म शूटिंग के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस, विशेष आर्थिक प्रोत्साहन और राज्य में फिल्म सिटी विकसित करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। सरकार का मकसद देश-विदेश के निर्देशकों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इससे न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि उत्तराखंड की लोक कला, बोली-भाषा और पर्यटन स्थलों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

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सीएम धामी ने कहा कि हमारे लोक देवताओं की कथाओं में सदियों पुराने जीवन मूल्य और सांस्कृतिक चेतना समाहित है। इनका संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अन्य निर्माताओं से भी उत्तराखंड के पौराणिक विषयों पर फिल्में बनाने की अपील की।

अंत में मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार स्थानीय संस्कृति और प्रतिभाओं को बढ़ावा देने वाले हर प्रयास को पूरा सहयोग देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘बाला गौरिया’ फिल्म से उत्तराखंड की लोक कला को व्यापक मंच मिलेगा और राज्य के पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।