ऋषिकेश में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार, फर्जी आधार कार्ड बरामद

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ऋषिकेश पुलिस और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऋषिकेश से एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत हुई इस कार्रवाई में महिला के पास से बांग्लादेशी पहचान-पत्र के साथ-साथ भारत का फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल बरामद हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह महिला करीब एक महीने पहले अवैध तरीके से बॉर्डर पार कर दिल्ली पहुंची थी और वहां से बस के जरिए ऋषिकेश आई थी। पुलिस अब महिला को अवैध रूप से सीमा पार कराने वाले मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है।

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कैसे हुई गिरफ्तारी और क्या मिला पास से?

लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को गुप्त सूचना मिली थी कि ऋषिकेश क्षेत्र में एक बांग्लादेशी महिला अवैध रूप से रह रही है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की और महिला को चारधाम ट्रांजिट केंद्र के पास से हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान महिला के पास से बांग्लादेश का पहचान-पत्र, नागरिकता प्रमाण-पत्र की फोटोकॉपी और एक फर्जी भारतीय आधार कार्ड मिला। महिला की पहचान 24 वर्षीय रीना (उर्फ रीता) के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के शरियातपुर जिले की रहने वाली है।

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सोशल मीडिया के जरिए संपर्क और रिपोन की तलाश

पूछताछ में महिला ने खुलासा किया कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से रिपोन नामक एक भारतीय व्यक्ति के संपर्क में आई थी। रिपोन ने ही उसे रोजगार दिलाने का लालच देकर अवैध तरीके से बॉर्डर पार कराया था। 13 अप्रैल को महिला दिल्ली से बस में सवार होकर ऋषिकेश पहुंची थी। फिलहाल, आरोपी रिपोन फरार है और पुलिस की टीमें उसकी धरपकड़ के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

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सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता

यह गिरफ्तारी उत्तराखंड पुलिस के ‘ऑपरेशन प्रहार’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि महिला का ऋषिकेश आने का असली मकसद क्या था और क्या इसमें कोई बड़ा नेटवर्क शामिल है। स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग इस मामले में बेहद सतर्कता बरत रहे हैं।

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