रक्षा मंत्रालय अब सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए कैंटीन सुविधाओं को और भी आसान बनाने जा रहा है। अब CSD (Canteen Stores Department) कैंटीन को अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों की तर्ज पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में बदला जा रहा है। इससे लगभग सवा करोड़ सैन्य उपभोक्ताओं को लाभ होगा, जिन्हें अब कैंटीन का सामान खरीदने के लिए व्यक्तिगत रूप से वहां जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस साल के अंत तक इस ऑनलाइन पोर्टल और होम डिलीवरी सेवा को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
ई-कॉमर्स पोर्टल के रूप में CSD का विकास
रक्षा मंत्रालय CSD को एक आधुनिक डिजिटल पोर्टल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। जिस तरह लोग सामान्य ई-कॉमर्स साइटों से ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं, ठीक उसी तरह सैन्यकर्मी भी अपनी दैनिक जरूरतों का सामान घर बैठे मंगवा सकेंगे। इसके लिए सामान की डिलीवरी का एक सुरक्षित और व्यवस्थित तंत्र तैयार किया जा रहा है।
सवा करोड़ उपभोक्ताओं को सीधा फायदा
देशभर में CSD के कुल 34 डिपो हैं, जिनसे बड़ी संख्या में सैन्य परिवार जुड़े हुए हैं। वर्तमान में, सैनिकों और उनके आश्रितों को रियायती दरों पर (बाजार से 30-35% सस्ता) सामान लेने के लिए कैंटीन केंद्रों पर स्वयं उपस्थित होना पड़ता है। ऑनलाइन सुविधा शुरू होने से न केवल उनका समय बचेगा, बल्कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले पूर्व सैनिकों के लिए भी सामान मंगाना बेहद सरल हो जाएगा।
साल के अंत तक सेवा शुरू होने का लक्ष्य
इस परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इसे इस साल के आखिरी महीनों तक चालू करने की योजना है। पोर्टल तैयार होने के बाद, सैनिक अपने विशेष क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके लॉगिन कर सकेंगे और ऑनलाइन भुगतान या कैश-ऑन-डिलीवरी जैसे विकल्पों के माध्यम से कैंटीन की वस्तुओं का ऑर्डर दे सकेंगे।

