उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा पर आने वाला हर श्रद्धालु राज्य का अतिथि है और उसे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है और सभी संबंधित विभागों को तत्परता से कार्य करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार भी है।
पार्किंग, ठहरने और ईंधन की पर्याप्त व्यवस्था
यात्रा मार्ग पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सरकार ने पार्किंग और यात्रियों के ठहरने के इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया है। विभिन्न स्थानों पर नई पार्किंग विकसित की गई है और श्रद्धालुओं के रुकने के लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। इसके साथ ही, अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा मार्ग पर पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति में कोई कमी न आए।
सुरक्षा सख्त: केदारनाथ में ड्रोन जब्त और हुड़दंगियों पर नजर
केदारनाथ धाम की संवेदनशीलता को देखते हुए वहां बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुलिस ने मंगलवार को नियमों का उल्लंघन करने वाले दो ड्रोन जब्त किए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस को सख्त हिदायत दी है कि यात्रा के दौरान हुड़दंग करने वाले या अराजक तत्वों से सख्ती से निपटा जाए ताकि यात्रियों की सुरक्षा और शांति बनी रहे।
20 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन: श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
इस वर्ष चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अब तक चारधाम और हेमकुंड साहिब के लिए 20 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक पंजीकरण केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के लिए हुए हैं, जो इस बार यात्रा के ऐतिहासिक होने का संकेत दे रहे हैं।
मुख्य रजिस्ट्रेशन आंकड़े:
- केदारनाथ: 7,22,966
- बदरीनाथ: 6,09,339
- गंगोत्री: 3,61,243
- यमुनोत्री: 3,50,859
- हेमकुंड साहिब: 21,867

