बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामला: 4 दिन की रिमांड में SIT के हाथ लगे ठोस सबूत, आरोपी नौटियाल को फिर जेल..

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देहरादून। उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे में हुई हेराफेरी मामले के मुख्य आरोपी वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को पुलिस कस्टडी रिमांड खत्म होने के बाद वापस जेल भेज दिया गया है। चार दिनों की रिमांड के दौरान SIT ने आरोपी के बदरीनाथ और देहरादून स्थित ठिकानों पर छापेमारी कर कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं।

एसआईटी की पूछताछ और छानबीन में आरोपी से कई ठोस दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत हाथ लगे हैं। जांच एजेंसी अब इन्हीं जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे नेटवर्क की कड़ी से कड़ी जोड़ रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कुछ अन्य विभागीय कर्मचारी भी जांच के दायरे में हैं।

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मामले की जानकारी देते हुए एसआईटी प्रभारी एवं डीएसपी मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि चार दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद शुक्रवार को आरोपी प्रमोद नौटियाल को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि एसआईटी ने बीती 28 जुलाई को न्यायालय से अनुमति लेकर नौटियाल को चार दिनों की कस्टडी रिमांड पर लिया था। इस दौरान जांच टीम आरोपी को साथ लेकर उसके बदरीनाथ और देहरादून स्थित ठिकानों पर पहुंची, जहां गहन तलाशी अभियान चलाकर केस से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए।

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दूसरी तरफ, इस मामले की प्रशासनिक जांच कर रही गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय जांच समिति भी लगातार एक्शन में है। समिति वर्तमान में बदरीनाथ धाम के प्रभारी मंदिर अधिकारी और तीन अन्य कर्मचारियों से गहन पूछताछ कर रही है।

प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, वर्तमान प्रभारी मंदिर अधिकारी ने ही बीती 2 जुलाई को गणना स्थल पर दानपात्र खुलवाए थे। वे 30 जून को तत्कालीन मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान के सेवानिवृत्त होने के बाद से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं।

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बदरीनाथ धाम जैसे पवित्र स्थल पर हुई इस बड़ी हेराफेरी से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में काफी रोष है। एसआईटी का दावा है कि रिमांड के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और लोगों से पूछताछ हो सकती है और संलिप्तता पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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