ED की रेड पर पूर्व सीएम हरीश रावत की सरकार को खुली चुनौती! बोले- ‘आयोग बनाकर मेरे कार्यकाल की जांच कराएं’

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देहरादून। पीएस चंदन जीना के आवास पर हुई प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। इस कार्रवाई पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कड़ा पलटवार करते हुए इसे अपने राजनीतिक जीवन को धूमिल करने की साजिश करार दिया है।

पूर्व सीएम ने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि एक स्वतंत्र आयोग का गठन कर उनके तीन साल के कार्यकाल की निष्पक्ष जांच करा ली जाए। उन्होंने कहा कि उनके 60 साल के बेदाग राजनीतिक करियर पर धब्बा लगाने की कोशिश की जा रही है। हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल में हुई किसी भी सरकारी नियुक्ति में पद का दुरुपयोग नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को नौकरियां दी थीं।

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अपने कार्यकाल का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि तीन वर्षों में 42 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियां दी गईं। इसके अलावा 18 हजार पदों पर नई भर्तियों के प्रस्ताव जारी किए गए थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि युवाओं को पारदर्शी अवसर देने के लिए ही उनकी सरकार ने राज्य में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और मेडिकल भर्ती बोर्ड का गठन किया था।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके तीन साल के शासनकाल में दो बार उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से भी नौकरियां दी गईं। पूरी भर्ती प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए ठोस कदम उठाए गए थे। अपनी एक प्रशासनिक चूक को स्वीकार करते हुए हरीश रावत ने कहा कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद पर जिस व्यक्ति की नियुक्ति की गई, वह उस पद की गरिमा और मर्यादा को नहीं बनाए रख सका।

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उन्होंने इस चूक के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगते हुए कहा कि गड़बड़ी सामने आते ही उनकी सरकार ने तुरंत SIT का गठन किया था। परीक्षा निरस्त करने के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी भी बनाई गई थी।

जांच एजेंसियों को सीधा संदेश देते हुए पूर्व सीएम ने कहा, “मैं ED, सीबीआई समेत देश की सभी एजेंसियों को आमंत्रित करता हूं। वे बतौर मुख्यमंत्री मेरे तीन साल के कार्यकाल को खंगाल लें और जहां चाहें छापा मार लें।” इसके साथ ही हरीश रावत ने अपने कार्यकाल के दौरान हुए चर्चित स्टिंग कांड और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने की परिस्थितियों की भी गहराई से जांच कराने की मांग उठाई।

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विरोधी नेताओं पर तंज कसते हुए हरीश रावत ने कहा कि 10 साल से सत्ता से बाहर रहने के बावजूद कुछ लोगों के पेट में उन्हें देखकर आज भी मरोड़े उठते हैं और वे उन्हें लगातार परेशान करने का प्रयास कर रहे हैं।