उत्तराखंड: चारधाम यात्रा का दूसरा चरण शुरू, 30 सितंबर तक केदारनाथ हेली सेवा की सभी सीटें फुल

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देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का दूसरा चरण मंगलवार, 15 सितंबर से विधिवत शुरू हो गया है। मानसून का असर कम होते ही प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा व सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए हैं।

यात्रा के इस नए चरण में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। करीब सवा दो महीने के लंबे इंतजार के बाद केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं पुनः शुरू कर दी गई हैं। गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा हेलीपैड से 9 एविएशन कंपनियों के हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहे हैं। हालांकि, खराब मौसम की स्थिति में उड़ानों पर रोक रहेगी।

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केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए हेली टिकटों की जबरदस्त मांग देखी जा रही है। 30 सितंबर तक की सभी हेली सीटें फुल हो चुकी हैं। 1 से 15 अक्टूबर तक की यात्रा के लिए केदारनाथ व हेमकुंड साहिब हेली टिकट की बुकिंग IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर 22 सितंबर से शुरू होगी।

नागरिक उड्डयन विभाग ने हेली सेवाओं के लिए प्रति यात्री आने-जाने का किराया तय कर दिया है। जिसमें गुप्तकाशी से केदारनाथ के लिए ₹12,762 रुपये, फाटा से केदारनाथ ₹10,164 रुपये, सिरसी से केदारनाथ ₹6,390 रुपये, गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब ₹11,834 रुपये किराया नियत किया गया है।

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चारधाम यात्रा के पहले चरण में रिकॉर्ड तोड़ 50.50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। यमुनोत्री और गंगोत्री में यात्रियों की संख्या नया कीर्तिमान बना चुकी है। आगामी दो महीनों में श्रद्धालुओं का आंकड़ा 60 लाख के पार पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

बीकेटीसी ने दूसरे चरण में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम आने वाले वीआईपी अतिथियों के लिए दर्शन शुल्क व्यवस्था को फिलहाल स्थगित कर दिया है। अब वीआईपी श्रद्धालुओं को 1100 रुपये का शुल्क नहीं देना पड़ेगा, बल्कि उन्हें निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत प्राथमिकता से दर्शन कराए जाएंगे।

पहाड़ों में खराब मौसम और भूस्खलन की चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक घोड़ा संचालक और खच्चर घायल हो गए हैं। संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रबंधन और प्रशासन की टीमें चौबीसों घंटे अलर्ट पर तैनात हैं।

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उड्डयन प्राधिकरण और DGCA की टीमों ने सहस्रधारा व केदारनाथ सहित सभी हेलीपैड का सुरक्षा ऑडिट पूरा कर लिया है।मौसम की सटीक जानकारी के लिए सहस्रधारा और सीतापुर में एयर ट्रैफिक सर्विस केंद्र सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी तीर्थयात्रियों के लिए अनिवार्य पंजीकरण नियम लागू रहेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने सभी यात्रियों को मौसम का अपडेट देखकर ही यात्रा शुरू करने की सलाह दी है।