किशाऊ बांध परियोजना: 6 राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता आज, अमित शाह और सीएम धामी रहेंगे मौजूद

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देहरादून। नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में मंगलवार दोपहर 12 बजे किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर छह राज्यों के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार शाम ही दिल्ली पहुंच चुके हैं।

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और उत्तराखंड के देहरादून जिले की सीमा पर टोंस नदी पर बनने वाली यह 660 मेगावाट की जलविद्युत एवं सिंचाई परियोजना ऊपरी यमुना बेसिन की सबसे बड़ी योजनाओं में शामिल है। इस समझौते के बाद उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के बीच पानी और लागत को लेकर वर्षों से जारी गतिरोध समाप्त हो जाएगा।

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इस करार से हरियाणा को सिंचाई के लिए 836.39 क्यूसेक पानी मिलेगा, जिसके बदले राज्य जल घटक के रूप में 579 करोड़ रुपये वहन करेगा। हरियाणा के सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल और इंजीनियर इन चीफ वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह समझौता राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

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किशाऊ बांध परियोजना की कुल अनुमानित लागत 15,624 करोड़ रुपये है, जिसमें जल घटक पर 12,096 करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना की सबसे बड़ी राहत यह है कि जल घटक की 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत राशि संबंधित 6 राज्य अपनी-अपनी पानी की हिस्सेदारी के अनुसार देंगे।

जल घटक के 1,210 करोड़ रुपये के राज्यस्तरीय खर्च में हरियाणा 47.82% पानी के लिए 579 करोड़, उत्तर प्रदेश 31.06% हिस्सेदारी के लिए 376 करोड़, राजस्थान 9.35% के लिए 113 करोड़ और दिल्ली 6.02% के लिए 73 करोड़ रुपये देगा। वहीं, उत्तराखंड की हिस्सेदारी 2.63% और हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी 3.14% तय की गई है।

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बता दें कि इससे पहले 16 जून को गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हुई बैठक में सभी राज्यों ने इस परियोजना के ड्राफ्ट पर अपनी सहमति दी थी। अब आधिकारिक हस्ताक्षर के साथ ही 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की इस मेगा परियोजना का निर्माण कार्य आगे बढ़ाने का मार्ग पूरी तरह से साफ हो गया है।