उधम सिंह नगर में जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र बिष्ट के नेतृत्व में बड़ा एक्शन; 40 भट्टियां ध्वस्त, 30 पर केस दर्ज

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रुद्रपुर। उत्तराखंड को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला आबकारी महकमा चौकस है। अवैध शराब के तस्करों की शामत आई हुई है…महकमे के काबिल अफसर अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हैं..आए दिन अवैध शराब के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य के उधमसिंह नगर जिले में अवैध शराब के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया हुआ है।

ऐसे में जितनी सख्ती जिला प्रशासन बरत रहा है उससे ज्यादा कड़ा एक्शन आबकारी महकमे की टीम मौके पर ले रही है। लिहाजा जिले के रुद्रपुर में अवैध कच्ची शराब के खिलाफ जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र बिष्ट की अगुवाई में महकमे की टीम ने बिंदुखेड़ा और रायपुर इलाके में छापा मारा और अवैध शराब के धंधे पर गाज गिरा दी।

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जिला आबकारी अधिकार महेंद्र बिष्ट की टीम ने बिंदुखेड़ा और रायपुर इलाके में कच्ची शराब बनाने वाली 10 भट्टियों को मौके पर ही नष्ट कर दिया। इतना ही नही कार्रवाई के दौरान आबकारी महकमे की टीम ने अपने अधिकारी के निर्देश पर जमीन में छिपाकर रखा गया करीब 22 हजार किलो लहन नष्ट किया। जबकि मौके से 370 लीटर कच्ची शराब जब्त की।

जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र बिष्ट की टीम ने जहां कंच्ची शराब की भट्टियों को नेस्तनाबूद किया वहीं टीम ने रायपुर और अमरपुर में दो घरों पर भी दबिश देकर रायपुर में आशा कौर के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। क्योंकि आशा कौर से टीम ने छापेमारी के दौरान 25 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की। वहीं अमरपुर के खानपुर में दारा सिंह के पास से रबर ट्यूब में छिपाकर रखी गई तकरीबन 45 लीटर कच्ची शराब जब्त की।

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आबकारी अधिकारी महेंद्र बिष्ट की माने तो कार्रवाई के दौरान तकरीबन चार सौ लीटर कच्ची शराब जब्त की गई। अवैध शराब के खिलाफ इस कार्रवाई में रुद्रपुर, काशीपुर और बाजपुर की आबकारी टीमों के साथ जनपदीय प्रवर्तन दल भी शामिल रही। वहीं आबकारी महकमे के कड़े रुख को देखकर कच्ची शराब बनाने वालों के होश फाख्ता हैं। जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र बिष्ट ने बताया कि अब तक आबकारी महकमें की टीम 2000 लीटर कच्ची शराब जब्त कर चुकी है, जबकि 30 अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा और 40 कच्ची शराब की भट्टियों को जिले भर में नष्ट कर चुकी है।

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शायद तभी किसी ने लिखा होगा उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता जिस मुल्क की सरहद की निगेहबान हों आंखे। मुल्क की हिफाजत को अगर सरहद पर हमारी सेना के रणबांकुरे चौकस हैं तो मुल्क के भीतर आबकारी महकमे के चौकस अफसर भी तैनात है जो पैनी निगाह जमाए हुए हैं ताकि कोई शराब तस्कर न किसी की जान से खेलने की हिमाकत कर सके और न राज्य के राजस्व पर सेंध लगाने की हिम्मत जुटा सके।