उत्तराखंड की जमीनें कोई हरी घास नहीं, जो कोई भी आकर चर जाए… विपक्ष पर CM धामी का तीखा पलटवार

ख़बर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के जरिए उद्योगपतियों को जमीनें बेचने के कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जमीनें कोई हरी घास नहीं हैं कि कोई भी आकर चर जाए। राज्य की एक इंच जमीन भी बेकार नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाने वाली कांग्रेस पार्टी को अपने गिरेबां में झांकने की सलाह दी।

यह भी पढ़ें -  पिथौरागढ़ में भारी बारिश: कैलास यात्रा मार्ग का वैकल्पिक पुल फिर बहा, 16 सड़कें बंद

मुख्यमंत्री धामी ने तंज कसा कि कांग्रेसी ‘नाराज फूफा’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीनों को बेचने और कौड़ियों के भाव देने का काम पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में होता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पारदर्शी व्यवस्था से राज्य में निवेश और रोजगार ला रही है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी के बनभूलपुरा में सरकारी जमीनों पर हुआ अवैध कब्जा भी कांग्रेस के शासनकाल की ही देन है।

यह भी पढ़ें -  Dehradun: सीएम धामी का तीखा हमला, बोले- कांग्रेस के पास वास्तविक मुद्दों का अभाव...'छात्रों की गूंज' को बताया 'झूठ की गूंज'

धामी ने कहा कि जब सरकार ने 13 हजार एकड़ भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया, तो कांग्रेस को आपत्ति होने लगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसी रवैये के कारण जनता ने इन्हें ‘मियां’ की उपाधि दी है। हल्द्वानी रामलीला मैदान में हुए शुद्दीकरण कार्यक्रम पर सीएम ने कहा कि मुद्दाविहीन कांग्रेस देश भर में झूठा नैरेटिव बना रही है। जांच में साबित हुआ है कि वहां हवन-पूजन गंदगी और जिहादी नारों की वजह से हुआ था, जिसमें SC समाज के सनातनी युवा भी शामिल थे।