पिथौरागढ़ में भारी बारिश: कैलास यात्रा मार्ग का वैकल्पिक पुल फिर बहा, 16 सड़कें बंद

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पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेपटरी हो गया है। रविवार रात हुई भारी वर्षा के कारण कूलागाड़ के पास कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग का वैकल्पिक रास्ता शाम को तेज बहाव में दोबारा बह गया। इस कारण यात्रा मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है और 16 ग्रामीण सड़कें मलबे से बंद हैं।

मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक बंगापानी तहसील में सर्वाधिक 113 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अचानक हुई इस भारी वर्षा से स्थानीय नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जबकि जिले की अन्य तहसीलों में भी मध्यम से हल्की बारिश का दौर जारी है।

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कैलास मानसरोवर मार्ग पर कूलागाड़ में मुख्य पुल पहले ही बह चुका था। प्रशासन ने आवाजाही बनाए रखने के लिए वहां जो वैकल्पिक रास्ता तैयार किया था, उसे सोमवार सुबह ही ठीक कर यातायात शुरू कराया गया था। हालांकि शाम को हुई तेज बारिश के बाद कूलागाड़ का नाला फिर उफान पर आ गया।

पानी और मलबे के भीषण बहाव में सुबह तैयार किया गया यह वैकल्पिक मार्ग एक बार फिर बह गया। रास्ता दोबारा ध्वस्त होने से कैलास यात्रा मार्ग पर वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।

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एक तरफ निचले इलाकों में बारिश आफत बनी है, तो दूसरी तरफ उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम का पहला हिमपात हुआ है। पंचाचूली, राजरंभा, नंदा देवी और हरदेवल की चोटियों पर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। इससे पूरे जिले में तापमान गिर गया है और ठंड बढ़ गई है। पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सफर बेहद जोखिमभरा बना हुआ है। घाट के समीप पहाड़ियों से लगातार भारी पत्थर गिर रहे हैं, जिससे हाईवे पर यातायात बार-बार बाधित हो रहा है। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।

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बारिश और भूस्खलन के कारण जिले की 16 ग्रामीण सड़कें पूरी तरह बंद पड़ी हैं। सड़कें बंद होने से दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है, जिससे ग्रामीणों को राशन और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें बंद पड़ी ग्रामीण सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्ग से मलबा हटाने के काम में जुटी हैं। प्रशासन का कहना है कि कूलागाड़ में पानी का बहाव कम होते ही वैकल्पिक रास्ते को दोबारा दुरुस्त कर आवाजाही बहाल की जाएगी।