नई दिल्ली: देशभर में सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और संगठित नकल पर लगाम लगाने की दिशा में केंद्र सरकार को बड़ी सफलता मिली है। लोकसभा के बाद एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक को राज्यसभा ने भी मंजूरी दे दी है। अब यह विधेयक राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद इसके कानून बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।
राज्यसभा में इस विधेयक पर कई घंटों तक चर्चा हुई। सरकार ने इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। वहीं विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली की खामियों और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
सरकार का कहना है कि नए कानून के तहत पेपर लीक, संगठित नकल और परीक्षा से जुड़ी धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत दोषियों पर 10 वर्ष तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही संगठित गिरोहों, संस्थानों और तकनीकी सेवा प्रदाताओं पर भी कार्रवाई संभव होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विधेयक के दोनों सदनों से पारित होने का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करेगा और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

