देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व न्यायाधीश विजय बहुगुणा ने स्वतंत्र न्यायपालिका को भारतीय लोकतंत्र का सबसे मजबूत और मुख्य आधार बताते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा है कि कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों द्वारा एक विचाराधीन मुकदमे के दौरान देश के मुख्य न्यायाधीश से मिलने का प्रयास करना बेहद निंदनीय और गंभीर चिंता का विषय है। पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब उठाए गए मुद्दों पर सर्वोच्च अदालत पहले से ही विचार कर रही है, ऐसे में इस तरह का दबाव बनाना न्यायपालिका की गरिमा पर सीधा प्रहार है।
पूर्व न्यायाधीश की पृष्ठभूमि से आने वाले विजय बहुगुणा ने कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के बाहर जुलूस निकालकर प्रदर्शन किए जाने की घटना को भी आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत के दरवाजे पर इस तरह का जुलूस और प्रदर्शन करना न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह देश में अराजकता फैलाने का एक प्रायोजित और निंदनीय प्रयास है। उनके अनुसार, इस तरह के कदम भारत के लोकतंत्र, संविधान के मूलभूत सिद्धांतों और सदियों पुरानी स्थापित लोकतांत्रिक परंपराओं की खुली अवहेलना करते हैं।

राजनीतिक परिदृश्य का विश्लेषण करते हुए पूर्व सीएम बहुगुणा ने तंज कसा कि लगातार कई चुनावों में करारी हार का सामना करने की वजह से आज कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष पूरी तरह से दिशाहीन राजनीति पर उतर आया है। चुनाव दर चुनाव मिल रही पराजय की बौखलाहट में विपक्षी दल संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा को भूलते जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की प्रबुद्ध और जागरूक जनता कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की इस नकारात्मक तथा लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करने वाली राजनीति का आने वाले समय में मुंहतोड़ जवाब देगी।
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के इस कड़े बयान के बाद देश और राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कानूनी और राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि एक पूर्व न्यायाधीश के रूप में विजय बहुगुणा का यह बयान न्यायपालिका की स्वायत्तता और राजनीतिक हस्तक्षेप के बीच जारी बहस में काफी मायने रखता है। सोशल मीडिया पर भी उनके इस बयान को लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

