देहरादून। उत्तराखंड में मानसून का असर एक बार फिर प्रचंड रूप धारण कर रहा है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 14, 16 और 17 अगस्त को प्रदेश के संवेदनशील पर्वतीय और मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। मौसम के बिगड़ते रुख को देखते हुए राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर आ गया है। आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने आम जनता और श्रद्धालुओं से अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त अपील की है।
मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के तहत 14 अगस्त को राजधानी देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा। इसके बाद 16 अगस्त को बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 17 अगस्त को एक बार फिर देहरादून और टिहरी गढ़वाल जिलों में मूसलाधार बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में तीव्र बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। इसके अलावा नदी-नालों और बरसाती गदेरों के अचानक उफान पर आने का गंभीर खतरा बना हुआ है। एहतियात के तौर पर राज्य के अन्य सभी शेष जिलों में भी येलो अलर्ट जारी रखा गया है, ताकि स्थानीय प्रशासन अलर्ट रहे।
आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों और उत्तराखंड की यात्रा पर आए पर्यटकों को सलाह दी है कि वे मौसम की अद्यतन जानकारी लेते रहें। उन्होंने कहा कि खराब मौसम और भारी बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर सफर करने से बचें और बहुत जरूरी होने पर ही पूरी सावधानी के साथ यात्रा करें।
राज्य सरकार के निर्देशों पर SDRF, NDRF, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों को 24 घंटे तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील मार्गों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनरी तैनात कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और नदी तटों के पास न जाएं और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

