उत्तराखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण: घर-घर जाकर होगा छूटे हुए पात्र मतदाताओं का सत्यापन

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देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद अब पात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए नए अभियान की शुरुआत कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम और एसीईओ डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने एक प्रेस वार्ता के दौरान पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए और आगे की कार्रवाई की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत छूटे हुए पात्र मतदाताओं को दोबारा सूची से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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आंकड़ों की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि प्री-एसआईआर प्रक्रिया के दौरान प्रदेशभर में 3.63 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े गए थे, जबकि इस दौरान करीब 7.73 लाख नाम सूची से हटाए गए थे। इसके पश्चात, एसआईआर अभियान के तहत जनवरी 2025 से 13 अगस्त 2026 के बीच कुल 4,34,620 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए। हालांकि, इसी निर्धारित अवधि के भीतर विभिन्न कारणों से 17,05,000 नाम मतदाता सूची से काटे भी गए हैं।

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इस पूरी प्रक्रिया के अगले चरण के तहत अब जिन मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं, उनका घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन और मिलान किया जाएगा। बूथ लेवल अधिकारी सीधे घर-घर पहुंचकर कटे हुए वोटों की सूची का संबंधित व्यक्तियों से मिलान करेंगे। यदि सत्यापन के दौरान कोई पात्र व्यक्ति सूची से छूटा हुआ पाया जाता है, तो उसका फॉर्म-6 भरवाया जाएगा और आवश्यक वैध दस्तावेज भी प्राप्त किए जाएंगे।

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सत्यापन अभियान को पारदर्शी बनाने के लिए बीएलओ को फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट तैयार करनी होगी, जिस पर दोनों संबंधित बीएलओ के हस्ताक्षर होना अनिवार्य किया गया है। निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। इस अभियान के जरिए मतदाता सूची को पूरी तरह से दुरुस्त किया जाएगा ताकि आगामी चुनावों में सूची की शुचिता और सटीकता पूरी तरह बनी रहे।