उत्तराखंड रोडवेज की 200 बसों का टेंडर अटका: 1 नवंबर से थम जाएंगे 140 बसों के पहिए

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देहरादून। उत्तराखंड परिवहन निगम की 200 नई साधारण बसों की खरीद का टेंडर रद्द हुए एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक नया टेंडर जारी नहीं हो सका है। इसके अलावा 20 इलेक्ट्रिक और छह प्रीमियम वॉल्वो बसों को अनुबंध पर लेने की प्रक्रिया भी लंबे समय से फाइलों में ही धूल फांक रही है। इस प्रशासनिक लेटलतीफी के चलते आगामी त्योहारी सीजन में सड़कों पर अतिरिक्त बसें उतारने के निगम के दावों पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

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परविहन निगम के सामने सबसे बड़ा संकट दिल्ली रूट को लेकर खड़ा हो गया है, जहां निगम की विभिन्न श्रेणियों की करीब 140 बसें आगामी एक नवंबर से दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगी। पर्याप्त संख्या में बीएस-6 मॉडल की बसें न होने के कारण कई सेवाएं बंद होने की कगार पर हैं। इसका सबसे ज्यादा खमियाजा दिल्ली-देहरादून मार्ग को भुगतना पड़ेगा, जहां रोजाना संचालित होने वाली 25 वॉल्वो बसों में से करीब 10 बसें सीधे तौर पर प्रभावित होने की आशंका है।

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त्योहारों के मौके पर यात्रियों की भारी भीड़ और सीमित बस विकल्पों के कारण इस बार यात्रियों का सफर काफी मुश्किलों भरा रहने वाला है। हालांकि बढ़ते जनआक्रोश और संकट को देखते हुए परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने भरोसा दिया है कि त्योहारी सीजन में आम जनता को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने दावा किया है कि वॉल्वो बसों को समय रहते अनुबंध पर लेकर व्यवस्था सुचारू कर ली जाएगी।

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निगम प्रबंधन का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशनों को तैयार करने का काम तेजी से किया जा रहा है। साथ ही साधारण नई बसों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से जल्द पूरा करने का आश्वासन भी दिया जा रहा है। लेकिन धरातल पर प्रक्रिया में हो रही देरी से त्योहारी सीजन में यात्रियों के सामने खड़ा होने वाला परिवहन संकट बढ़ता दिख रहा है।