Chamoli Tunnel Accident: टनल में फंसे 2 लोगों की तलाश तेज, NDRF-SDRF की युद्धस्तर पर जांच शुरू

ख़बर शेयर करें

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे में रेस्क्यू अभियान और तेज कर दिया गया है। टनल के भीतर लापता दो लोगों की तलाश में जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें दिन-रात सघन सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार खुद मौके पर डटे हैं और पूरी कार्रवाई की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

हादसे के बाद टनल में जमा पानी को बाहर निकालने के लिए भारी क्षमता वाले पंप लगाए गए हैं। पानी की निकासी तेजी से होने के बाद ही रेस्क्यू टीमों के लिए टनल के गहरे हिस्सों में आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो पा रहा है।

यह भी पढ़ें -  Uttarakhand के युवाओं को CM धामी का तोहफा,'युवा आयोग' और 30% सब्सिडी के साथ स्वरोजगार का मौका

इसके साथ ही टनल के भीतर फंसी भारी मशीनों और मलबे को हटाने का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है। आधुनिक उपकरणों की मदद से फंसे अवरोधों को हटाया जा रहा है, ताकि राहत कर्मी टनल के अंतिम छोर तक पहुंचकर सर्च ऑपरेशन चला सकें।

यह भी पढ़ें -  स्वतंत्रता दिवस पर राज्यपाल ने कहा, आओ प्रण लें !

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर इस टनल हादसे की मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यह जांच टीम हादसे के कारणों और परिस्थितियों की बारीकी से पड़ताल करेगी। जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक टनल से अब तक कुल 20 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से 12 श्रमिकों को सकुशल बचाकर तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

यह भी पढ़ें -  ये हुकूमत अंग्रेजों से भी ज्यादा खतरऩाक है - हरक सिंह

हादसे में 8 श्रमिकों की दुखद मौत हो चुकी है, जबकि टनल के संकरे कोनों और मलबे के बीच फंसे 2 अन्य लोगों की तलाश में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और पुलिस की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। टनल के बाहर एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad