Uttarakhand: IIT मद्रास के सहयोग से हर नागरिक सीखेगा AI, मिलेंगे मुफ्त कोर्स और सर्टिफिकेट

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देहरादून। लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने ‘एआई-फॉर-ऑल’ पहल का औपचारिक शुभारंभ किया। इस बड़ी पहल के तहत उत्तराखंड के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को अब आईआईटी मद्रास के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रोजगारोन्मुखी शिक्षा मिलेगी। राज्य में इस परियोजना के सफल संचालन के लिए दून विश्वविद्यालय को नोडल सेंटर बनाया गया है।

कार्यक्रम में दून विश्वविद्यालय, आईआईटी मद्रास, प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन और ‘स्वयं प्लस’ के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल और आईआईटी मद्रास के निदेशक पद्मश्री प्रो. वी कामाकोटी उपस्थित रहे। योजना के पहले चरण में राज्य के विद्यार्थियों के लिए आधुनिक और उद्योग-केंद्रित एआई पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।

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इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि यह केवल एक समझौता नहीं, बल्कि उत्तराखंड की उच्च शिक्षा को एआई, नवाचार और वैश्विक ज्ञान से जोड़ने वाली नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों से निपटने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक साबित होगी।

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दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने बताया कि ‘स्वयं प्लस’ केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की पहल है। इसके जरिए देशभर के छात्रों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस कदम से शिक्षा क्षेत्र के साथ-साथ राज्य के हर क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा सकेगा।

आईआईटी मद्रास के निदेशक पद्मश्री प्रो. वी कामाकोटी ने बताया कि ‘एआई-फॉर-ऑल’ का लक्ष्य तकनीक को हर व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ‘स्वयं प्लस’ मंच पर स्कूली बच्चों, कॉलेज छात्रों, शोधार्थियों, शिक्षकों, व्यवसायियों और आम नागरिकों के लिए एआई से जुड़े छोटे-छोटे कोर्स पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध रहेंगे।

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प्रो. कामाकोटी ने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक कामकाज का हिस्सा बन चुका है। इसलिए समाज के हर वर्ग में एआई की बुनियादी समझ होना जरूरी है। ‘स्वयं प्लस’ पर विज्ञान, वाणिज्य, एकाउंटिंग और बिजनेस जैसे विषयों के लिए एआई कोर्स उपलब्ध रहेंगे, जिन्हें पूरा करने के बाद नाममात्र शुल्क पर प्रमाण पत्र भी लिया जा सकेगा।

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