Uttarakhand: 2 महीने से अटका 5,800 रोडवेज कर्मचारियों का वेतन, 5 करोड़ रुपये जारी

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देहरादून। उत्तराखंड परिवहन निगम के करीब 5,800 कर्मचारियों को बीते जून और जुलाई महीने का वेतन न मिलने से गंभीर आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। निगम प्रबंधन ने अब चरणबद्ध तरीके से बकाया भुगतान शुरू किया है, जिसके तहत फिलहाल केवल 5 करोड़ रुपये जारी हो सके हैं, जबकि कुल 21 करोड़ रुपये का वेतन भुगतान अभी भी अटका हुआ है।

उत्तराखंड परिवहन निगम में वर्तमान में कुल 5,800 कर्मचारी तैनात हैं, जिनमें 4,000 कर्मचारी विशेष-संविदा व एजेंसी श्रेणी के हैं और 1,800 नियमित कर्मचारी शामिल हैं। अगस्त का महीना भी खत्म होने को है, लेकिन दो महीने का वेतन न मिलने से कर्मचारियों के सामने दैनिक खर्चों का भारी संकट खड़ा हो गया है।

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निगम प्रबंधन का दावा है कि स्थिति को संभालने के लिए पहले चरण में विशेष-संविदा और एजेंसी कर्मचारियों का वेतन जारी किया जा रहा है। सोमवार तक लगभग 85 प्रतिशत कर्मचारियों के खातों में राशि पहुंच जाएगी, जिसके तुरंत बाद नियमित कर्मचारियों का रुका हुआ वेतन जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

निगम में आए इस वित्तीय संकट के पीछे शासन से मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि का अटकना मुख्य वजह है। दरअसल, परिवहन निगम वरिष्ठ नागरिकों और छात्राओं को निःशुल्क यात्रा सुविधा देता है, जिसकी भरपाई शासन के बजट से होती है। निगम ने मई और जून महीने की 4.5 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति से जुड़े सभी दस्तावेज शासन को भेज दिए हैं, लेकिन यह राशि अभी तक जारी नहीं हुई है।

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वेतन के इस मुद्दे पर परिवहन निगम के महाप्रबंधक क्रांति सिंह ने बताया कि पहले चरण में विशेष-संविदा और एजेंसी श्रेणी के कर्मचारियों को प्राथमिकता पर भुगतान किया जा रहा है। सोमवार तक अधिकांश कर्मचारियों को वेतन मिल जाएगा और फिर नियमित कर्मियों का भुगतान होगा।

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वहीं उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै ने चेतावनी दी है कि एजेंसी कर्मचारियों को तीन महीने और अन्य कर्मियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने प्रबंधन से मांग की है कि सभी श्रेणियों के कर्मचारियों का रुका हुआ वेतन तुरंत एकमुश्त जारी किया जाए ताकि कर्मचारियों की आर्थिक तंगी दूर हो सके।

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