Uttarakhand: सितारगंज में विजिलेंस कार्रवाई पर भड़के राजस्व कर्मी, प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार का ऐलान

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सितारगंज। उधम सिंह नगर स्थित सितारगंज तहसील में विजिलेंस की कार्रवाई के विरोध से शुरू हुआ राजस्व कर्मचारियों का असंतोष अब पूरे उत्तराखंड में एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। राजस्व कर्मचारी संयुक्त परिषद ने विजिलेंस की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी है। इस फैसले के बाद प्रदेशभर के तहसील कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है, जिसका सीधा असर सामान्य जनता और प्रशासनिक कार्यों पर पड़ रहा है।

विरोध के पहले ही दिन कर्मचारियों ने अपने आक्रोश का प्रदर्शन करते हुए सितारगंज तहसील कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया। तहसील परिसर में एकत्र हुए दर्जनों कर्मचारियों ने विजिलेंस और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों के इस सख्त रुख के कारण प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं और दूर-दराज से आए आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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राजस्व कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और शासन के उच्च अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारी संगठनों ने विजिलेंस द्वारा की गई पूरी कार्रवाई की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर पारदर्शी कदम नहीं उठाए जाते, उनका यह आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।

कर्मचारी प्रतिनिधियों का आरोप है कि विजिलेंस टीम ने नियमित और वैधानिक राजस्व वसूली की सामान्य प्रक्रिया को गलत तरीके से रिश्वतखोरी का मामला बनाकर पेश किया है। उनका कहना है कि बिना पूरी पड़ताल और तथ्यों की जांच किए बिना कर्मचारियों को आरोपी बनाकर पूरे विभाग और कर्मचारियों की साख व प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास किया गया है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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कर्मचारी संगठनों ने शासन और प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में और अधिक तीव्र किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे और अगर जरूरत पड़ी तो पूरे राज्य में प्रशासनिक सेवाओं को पूर्ण रूप से ठप कर दिया जाएगा।

उधर मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते तनाव को देखते हुए सितारगंज तहसील परिसर सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। किसी भी संभावित अप्रिय घटना से निपटने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, हालांकि कर्मचारियों और प्रशासन के बीच देर रात तक हुई वार्ता बेनतीजा रही।

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समाचार लिखे जाने तक कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार जारी था और तहसील परिसरों में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी। हालांकि, पुलिस और स्थानीय प्रशासन का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और बातचीत के जरिए गतिरोध को समाप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कर्मचारियों के काम पर न होने के कारण आम जनता के प्रमाण पत्र, भूमि पंजीकरण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज संबंधी कार्य पूरी तरह अटक गए हैं।

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