देहरादून। उत्तराखंड में पेयजल संकट से जूझ रहे लाखों ग्रामीणों और लंबे समय से बकाये का इंतजार कर रहे ठेकेदारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन प्रोजेक्ट के तहत दो साल के लंबे इंतजार के बाद 281 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। इस बजट से प्रदेश भर में अधर में लटकी 900 पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा, जिससे आने वाले गर्मियों के सीजन में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
पिछले दो वर्षों से केंद्र सरकार से बजट न मिलने के कारण राज्य में सिंगल और मल्टी विलेज पेयजल योजनाएं ठप पड़ी थीं। कई परियोजनाएं ऐसी थीं जो 90 प्रतिशत तक बनकर तैयार थीं, लेकिन मामूली बजट के अभाव में लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था। अब 281 करोड़ रुपये की धनराशि मिलने से इन सभी 900 योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर पानी की सप्लाई शुरू की जाएगी।
इस बजट आवंटन से अपने संसाधनों से काम करने वाले ठेकेदारों को भी बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से बकाया भुगतान न होने के कारण ठेकेदार आंदोलन पर थे। अब शासन ने चरणबद्ध तरीके से सभी ठेकेदारों के लंबे समय से लंबित बकाये का भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक रोहित मीणा के अनुसार, केंद्र सरकार को जल्द ही उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजा जाएगा। इसके बाद 300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त किस्त स्वीकृत कराने का प्रयास रहेगा। विभाग का लक्ष्य सालाना आवंटन को 650 करोड़ रुपये तक बढ़ाने का है, जिससे जल्द से जल्द तैयार योजनाओं से पानी की आपूर्ति चालू की जा सके।
पेयजल सचिव रणवीर सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा पेयजल सुधारों में किए गए बेहतर प्रदर्शन से संतुष्ट होकर केंद्र सरकार ने यह बजट स्वीकृत किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही राज्य को सालाना आवंटन की पूरी 650 करोड़ रुपये की राशि भी शत-प्रतिशत जारी कर दी जाएगी।

