उत्तराखंड में AI और नवाचार का नया युग, राज्यपाल ने लॉन्च की 3 बड़ी योजनाएं

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देहरादून। लोक भवन में बुधवार को उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने राज्य में तकनीकी क्रांति और नवाचार को गति देने के लिए तीन महत्वपूर्ण पहलों ‘ऑपरेशन साथी’, ‘आरओवी इनक्यूबेटर सेंटर’ और ‘एआई न्यूजलेटर’ का औपचारिक शुभारंभ किया।

इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। राज्यपाल के इस कदम का सीधा असर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम, दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं और तकनीकी अनुसंधान पर पड़ेगा।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने लोक भवन परिसर में आयोजित स्टार्टअप प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और युवाओं द्वारा तैयार किए गए इनोवेटिव तकनीकी मॉडलों की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि यह अवसर उत्तराखंड में नवाचार और तकनीक के एक नए युग का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।

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राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा, “21वीं सदी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई प्रौद्योगिकियों की सदी है। उत्तराखंड को इस वैश्विक तकनीकी बदलाव का नेतृत्व करने के लिए अभी से तैयार होना होगा।” उन्होंने भरोसा जताया कि ज्ञान, नवाचार और जनभागीदारी पर आधारित ये तीनों पहलें राज्य के समग्र विकास को नई दिशा देंगी।

उन्होंने आगे कहा कि लोक भवन पूर्व में भी ‘एआई थीम रूम’ और ‘एआई ऑन व्हील्स’ जैसी पहलों के माध्यम से एआई के प्रति जागरूकता बढ़ा चुका है। अब शुरू की गई ये तीनों नई योजनाएं उसी अभियान का अगला महत्वपूर्ण चरण हैं।

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ये तीनों प्रमुख पहलें उत्तराखंड में नवाचार और एआई के परिदृश्य को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती हैं। ‘ऑपरेशन साथी’ का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सभी 13 जिलों के सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं व नवाचारों की पहचान करना है। इस अभियान के तहत विद्यार्थियों, किसानों, महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय इनोवेटर्स से सीधा संवाद स्थापित कर उनके अनोखे विचारों को मंच प्रदान किया जाएगा।

वहीं, ‘आरओवी इनक्यूबेटर सेंटर’ राज्य के उभरते स्टार्टअप्स और नए उद्यमियों के लिए एक समर्पित इनक्यूबेशन प्लेटफार्म के रूप में काम करेगा, जो विचार के स्तर से लेकर प्रोटोटाइप निर्माण, मेंटरशिप, फंडिंग और उद्योग स्थापना तक हर कदम पर मार्गदर्शन देगा।

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इसके साथ ही, ‘एआई न्यूजलेटर’ को एक ज्ञान मंच के रूप में विकसित किया गया है, जो प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शोध, सुशासन और स्टार्टअप्स की उपलब्धियों को संकलित कर आम जनता, शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत तक पहुंचाएगा।

इस गरिमामय अवसर पर टेक्नोहब के सिद्धार्थ माधव, शासन की अपर सचिव रीना जोशी और यूकॉस्ट के महानिदेशक दुर्गेश पंत समेत कई प्रमुख शिक्षाविद, वैज्ञानिक और शोधकर्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने इन पहलों की सराहना करते हुए इन्हें राज्य के युवाओं और तकनीकी भविष्य के लिए एक मील का पत्थर करार दिया।

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