देहरादून। उत्तराखंड शासन ने राज्य के हजारों सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए वर्ष 2025-26 की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ा दी है। अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत की ओर से सभी विभागों को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। शासन के इस कदम से उन कर्मचारियों को सहूलियत मिलेगी जिनकी एसीआर प्रक्रिया तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से समय पर पूरी नहीं हो सकी थी।
शासन द्वारा जारी नई समय सारिणी के तहत विभागों को 31 अगस्त तक ऑनलाइन वर्क फ्लो तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद संबंधित कर्मचारी 30 सितंबर तक ऑनलाइन माध्यम से अपना स्वमूल्यांकन दर्ज कर सकेंगे।
अगले चरण में अग्रेषण की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर रखी गई है। वहीं, समीक्षक अधिकारी द्वारा कार्रवाई पूर्ण करने के लिए 30 नवंबर और स्वीकार्ता अधिकारी स्तर पर अंतिम मंजूरी के लिए 31 दिसंबर 2026 की तिथि तय की गई है। कर्मचारियों को अंतिम रिपोर्ट उपलब्ध कराने की समय सीमा 15 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने शासन के इस फैसले का स्वागत किया है। परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि 22 जून 2026 को मुख्य सचिव को पत्र भेजकर एसीआर की समय सीमा बढ़ाने की मांग की गई थी।
प्रांतीय अध्यक्ष के अनुसार, परिषद के पत्र पर संज्ञान लेते हुए 3 जुलाई 2026 को भी स्वमूल्यांकन अंकित करने के लिए सात कार्यदिवसों की वृद्धि की गई थी। हालांकि, तकनीकी अड़चनों को देखते हुए अब शासन ने सभी चरणों के लिए विस्तृत नई समय सारिणी जारी कर दी है।
समय सीमा में इस विस्तार से प्रदेश भर के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। इससे विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बनी रहेगी और तकनीकी कमियों के कारण किसी भी कर्मचारी की गोपनीय आख्या प्रभावित नहीं होगी।
शासन ने सभी विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे तय समय सारिणी के अनुसार ऑनलाइन एसीआर प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा कराएं, ताकि किसी भी स्तर पर काम लंबित न रहे।

