देहरादून। उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग में सरकारी डॉक्टरों के खाली पदों को भरने की चयन प्रक्रिया में सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के अनुसार, अब सीधी भर्ती और इंटरव्यू के स्थान पर लिखित परीक्षा या स्क्रीनिंग टेस्ट के जरिए डॉक्टरों का चयन करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इस नई चयन प्रणाली को अमल में लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती सेवा नियमावली में संशोधन करने की तैयारी कर रहा है।
प्रदेश में हर साल लगभग 1,700 एमबीबीएस डॉक्टर पास आउट होकर निकल रहे हैं, जिसके कारण खाली पदों के मुकाबले आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आवेदकों की भारी संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग साक्षात्कार से पहले अभ्यर्थियों की छंटनी के लिए लिखित परीक्षा आयोजित करने के विकल्प पर काम कर रहा है। इससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनेगी।
गौरतलब है कि देश के कई अन्य राज्यों में भी डॉक्टरों के पदों पर चयन के लिए यही स्क्रीनिंग और लिखित परीक्षा प्रणाली लागू की जा चुकी है। दूसरे राज्यों के इसी मॉडल की तर्ज पर अब उत्तराखंड में भी इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। नियमावली में संशोधन होते ही भविष्य में होने वाली डॉक्टरों की सभी भर्तियां इसी नई परीक्षा प्रणाली के तहत आयोजित की जाएंगी।

