उत्तराखंड में मैदानी इलाकों में भीषण लू का सितम, पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बादलों ने दिलाई राहत

ख़बर शेयर करें

उत्तराखंड में इन दिनों मौसम के दो बिल्कुल अलग और विपरीत रूप देखने को मिल रहे हैं, जहाँ एक तरफ मैदानी जिले प्रचंड गर्मी और लू के थपेड़ों से बुरी तरह झुलस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पहाड़ी इलाकों में बादलों की आवाजाही, हल्की बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम को बेहद सुहावना बना दिया है।

मंगलवार को राज्य के मैदानी हिस्सों में सुबह से ही सूरज के तल्ख तेवर और तेज गर्म हवाओं का दौर शुरू हो गया, जिसके चलते दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा नजर आया। हरिद्वार में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोग दिनभर उमस और तपिश से बेहाल रहे, जबकि राजधानी देहरादून में दोपहर बाद बादलों के आने से तापमान 40.4 डिग्री से गिरकर 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अब भी तीन डिग्री अधिक है।

यह भी पढ़ें -  “मौत के बाद भी मिलती रही पेंशन!”2015 से 2018 के बीच हुआ बड़ा खेल, कैग की रिपोर्ट में हुआ खुलासा….

इसके विपरीत, पर्वतीय क्षेत्रों में दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदला और आसमान में काले बादल छाने के साथ ही चमोली, बद्रीनाथ और बागेश्वर जैसे इलाकों में तेज हवाओं के साथ हुई हल्की बूंदाबांदी ने तापमान में भारी गिरावट दर्ज कराई।

मैदानी इलाकों की भीषण तपिश के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बारिश ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बड़ी राहत दी है। पर्वतीय जिलों में सुबह खिली तेज धूप के बाद अचानक मौसम बदला और चमोली, बद्रीनाथ सहित बागेश्वर में अच्छी बारिश होने से पारे में तेजी से गिरावट आई।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड के 'तिमूर' और 'कुंजा' उत्पादों को मिलेगा पेटेंट का सुरक्षा कवच, बाजार में मचेगी धूम

चमोली और बद्रीनाथ जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ हुई इस बूंदाबांदी ने पूरी घाटी को ठंडा कर दिया है, जिससे मैदानी क्षेत्रों जैसी झुलसाने वाली गर्मी से यह पूरी तरह सुरक्षित बना हुआ है।

मौसम विज्ञान केंद्र का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य के लोगों को इस भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है। बुधवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे पांच पर्वतीय जिलों में हल्की वर्षा होने की प्रबल संभावना है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा।

यह भी पढ़ें -  ...तो रोबोटिक कैमरे देंगे नगर निगम को दून के ड्रेनेज सिस्टम की एक्स-रे रिपोर्ट !

राहत की बात यह है कि अगले एक-दो दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बहुत बड़ा इजाफा नहीं होगा, और इसके बाद अगले तीन से पांच दिनों के भीतर तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे आखिरकार मैदानी क्षेत्रों में भी तप रहे लोगों को लू के इस प्रकोप से काफी हद तक निजात मिल सकेगी।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad