दून डीएम डॉ. आशीष चौहान ने आपदा कंट्रोल रूम का किया औचक निरीक्षण, संवेदनशील क्षेत्रों की सूची अपडेट रखने के दिए निर्देश

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देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आगामी मानसून सीजन और प्राकृतिक आपदाओं की संभावनाओं को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला आपदा कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया और सुरक्षा तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया।

पदभार ग्रहण करने के दूसरे ही दिन एक्शन मोड में नजर आए जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को जनपद के सभी आपदा संभावित और भूस्खलन व अतिवृष्टि से प्रभावित होने वाले संवेदनशील क्षेत्रों की सूची को तुरंत अपडेट करने के कड़े निर्देश दिए।

उन्होंने विशेष रूप से उन दूरस्थ पर्वतीय गांवों और इलाकों की सूची मांगी जहाँ आपदा राहत पहुंचाने के समय टीम को लंबी पैदल दूरी तय करनी पड़ती है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में बिना समय गंवाए तत्काल राहत सामग्रियां और टीमें मौके पर भेजी जा सकें। इसके साथ ही उन्होंने कलेक्ट्रेट के विभिन्न पटलों और विभागों का निरीक्षण कर रिकॉर्ड के रखरखाव, साफ-सफाई और तैनात कार्मिकों की कार्यप्रणाली को भी परखा।

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फाइलों के व्यवस्थित रखरखाव पर जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम और अन्य संबंधित कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें कड़े निर्देश दिए कि आपदा के समय यहाँ आने वाले परेशान लोगों और फरियादियों के साथ अत्यंत संवेदनशील व सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप हर पीड़ित व्यक्ति को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण न्याय मिलना चाहिए, जिसके लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा से काम करें। डीएम ने कार्यालय की सभी महत्वपूर्ण फाइलों और सरकारी दस्तावेजों को डिजिटल या सुव्यवस्थित ढंग से संरक्षित करने के निर्देश दिए ताकि आवश्यकता पड़ने पर कोई भी पुराना अभिलेख तत्काल उपलब्ध हो सके।

राहत व्यवस्थाओं के नियमित परीक्षण के निर्देश

आगामी वर्षा काल के दौरान किसी भी बड़ी आपदा से निपटने के लिए जिलाधिकारी ने जिले के सभी विभागों को आपस में मजबूत समन्वय बनाकर काम करने की हिदायत दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से बचाव के लिए किए गए तमाम इंतजामों और जीवन रक्षक उपकरणों का समय-समय पर नियमित परीक्षण किया जाए ताकि संकट के समय वे पूरी तरह चालू हालत में मिलें।

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जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि मानसून की संवेदनशीलता को देखते हुए स्वास्थ्य, लोक निर्माण, और वन विभाग सहित सभी लाइन डिपार्टमेंट्स पूरी सतर्कता, तत्परता और मुस्तैदी बनाए रखें, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

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