लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा पूरी तरह तय हो गया है, जिसे लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। लगभग चार साल के एक लंबे अंतराल के बाद देवभूमि आ रहे राहुल गांधी आगामी चार जून को कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में विशाल जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस दौरे की शुरुआत चार जून को अल्मोड़ा में आयोजित एक बड़ी रैली से होगी, जिसके बाद उसी दिन दोपहर दो बजे राहुल गांधी पौड़ी में आयोजित होने वाले एक विशेष पूर्व सैनिक सम्मेलन और रैली में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे।
कांग्रेस पार्टी इस बहुप्रतीक्षित दौरे को लेकर बेहद उत्साहित है और प्रांतीय नेतृत्व का मानना है कि शीर्ष नेता के इस आगमन से न केवल जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं में एक नई और अभूतपूर्व ऊर्जा का संचार होगा, बल्कि आगामी चुनावों के लिए पूरी पार्टी को एक मजबूत और नया जोश भी मिलेगा।
वरिष्ठ नेताओं के साथ महामंथन
कांग्रेस पार्टी इस चुनावी शंखनाद के जरिए उत्तराखंड के एक बेहद प्रभावशाली और बड़े वोट बैंक यानी पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सीधे साधने की बड़ी रणनीति पर काम कर रही है। पौड़ी में होने वाले सम्मेलन के दौरान राहुल गांधी पूर्व सैनिकों की विभिन्न समसामयिक समस्याओं, उनकी मांगों और देश में चल रही ‘अग्नवीर भर्ती’ योजना जैसे बेहद संवेदनशील और अहम मुद्दों पर पूर्व फौजियों के साथ सीधा संवाद करेंगे।
इसके साथ ही, अपने इस व्यस्त दौरे के दूसरे दिन यानी पांच जून को राहुल गांधी राजधानी देहरादून में मौजूद रहेंगे, जहां वे प्रदेश कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं, वर्तमान विधायकों, पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों और पार्टी के विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय सांगठनिक बैठक करेंगे।
इस विशेष बैठक में वे आगामी चुनावों की जमीनी रणनीति पर गहन चर्चा करने के साथ-साथ सभी जिलों के अध्यक्षों से वर्तमान राजनीतिक फीडबैक भी लेंगे, जिसके लिए जिला कांग्रेस कमेटियों ने अभी से अपनी तैयारियां और बैठकें युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं।

