देहरादून। उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग की कमान संभालने के बाद नए स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। विभाग की मौजूदा व्यवस्थाओं, योजनाओं की जमीनी स्थिति और अधिकारियों की कार्यशैली को परखने के लिए उन्होंने आज स्वास्थ्य विभाग के तमाम बड़े अधिकारियों को शासन में तलब किया है। इस बैठक को स्वास्थ्य विभाग के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें पिछले समय में हुए कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ आने वाले महीनों का रोडमैप भी तैयार किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), चिकित्सा शिक्षा विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) समेत कई महत्वपूर्ण इकाइयों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। नए स्वास्थ्य सचिव अधिकारियों से विभागीय योजनाओं की प्रगति, बजट खर्च, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और फील्ड स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों को लेकर विस्तृत जानकारी लेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में विशेष फोकस चारधाम यात्रा के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर रहने वाला है। राज्य में इन दिनों चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। यात्रा के दौरान लगातार सामने आ रहे मौत के मामलों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग दोनों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में नए स्वास्थ्य सचिव यह जानना चाहेंगे कि यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति क्या है और अब तक विभाग ने कौन-कौन से कदम उठाए हैं।
चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए डॉक्टरों की तैनाती, एंबुलेंस नेटवर्क, ऑक्सीजन सुविधा, हेल्थ स्क्रीनिंग और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर भी अधिकारियों से जवाब तलब होने की संभावना है। माना जा रहा है कि सचिव स्तर से साफ संदेश दिया जाएगा कि यात्रा सीजन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अलावा राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी, दवाइयों की उपलब्धता, मेडिकल कॉलेजों की स्थिति और एनएचएम की योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग पिछले कुछ समय से कई व्यवस्थागत चुनौतियों और विवादों को लेकर सवालों के घेरे में रहा है, ऐसे में नए सचिव की यह पहली बड़ी समीक्षा बैठक काफी अहम मानी जा रही है।
विभागीय गलियारों में इस बैठक को लेकर हलचल तेज है। कई अधिकारी अपने-अपने विभागों की प्रेजेंटेशन और आंकड़ों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। माना जा रहा है कि नए स्वास्थ्य सचिव विभाग की कार्यप्रणाली में तेजी और जवाबदेही दोनों बढ़ाने के संकेत दे सकते हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि चारधाम यात्रा के बीच बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य सचिव क्या नई रणनीति तैयार करते हैं और विभागीय मशीनरी को किस तरह मैदान में उतारते हैं।

