सब कुछ नए नगर आयुक्त के प्लान के मुताबिक हुआ तो मुमकिन है कि इस बरसात में देहरादून की सड़के तालाब न बने, बरसते पानी की निकासी उसी रफ्तार से हो जाए। ऐसा नही कि नए नगर आयुक्त कुछ जादू लेकर आए हों। दरअसल उन्होने टैक्नोलॉजी की पैरवी की है ताकि विज्ञान के आविष्कार देहरादून की मदद कर सकें।
दून नगर निगम के नए आयुक्त नगर आलोक कुमार ने दून के ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त रखने के लिए रोबोट कैमरे का सहारा लेने का सुझाव दिया है ताकि बड़े नालों से जुड़ने वाले छोटे नालों की साफ-सफाई सलीके से की जा सके और उनके चोक होने का हल निकाला जा सके। जाहिर सी बात है कि जब नाले चोक रहेंगे ही नहीं तो सड़कें भी तालाब नहीं बन पाएंगी।
नगर आयुक्त ने बरसात से पहले इस प्लान पर काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि रोबोटिक कैमरे दून के ड्रेनेज सिस्टम की एक्स-रे फिल्म नगर निगम के सामने रख सकें और नगर निगम चोक नालों की सफल सर्जरी कर सके।
उम्मीद है कि अगर वाकई में इस तकनीक के जरिए काम हुआ तो बरसात में बारिश दून वासियों के लिए सुकून साबित होगी, परेशानी का सबब नहीं। आलोक साहब का प्लान तो अच्छा है देखना ये है कि इस पर अमल होता है या नहीं ।

