पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर और मक्कूमठ के मार्कंडेय मंदिर में पंचांग गणना के बाद शुभ तिथियों की घोषणा कर दी गई है। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट 22 अप्रैल को और द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर के कपाट 21 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। बैसाखी के शुभ अवसर पर विधि-विधान से पूजा और गणना के बाद यह निर्णय लिया गया, जिससे अब हिमालयी क्षेत्रों में धार्मिक उत्सव और यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं।
तुंगनाथ मंदिर (तृतीय केदार) की यात्रा का कार्यक्रम
पंचांग गणना के अनुसार, तुंगनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 11 बजे खुलेंगे। इससे पहले, 20 अप्रैल को भगवान की डोली मक्कूमठ से प्रस्थान कर भूतनाथ मंदिर पहुंचेगी। 21 अप्रैल को डोली चोपता में विश्राम करेगी और अगले दिन सुबह मुख्य मंदिर में प्रवेश कर कपाट खोल दिए जाएंगे।
मदमहेश्वर मंदिर (द्वितीय केदार) के कपाट और उत्सव
भगवान मदमहेश्वर के कपाट 21 मई को खुलेंगे। कपाट खुलने की प्रक्रिया 17 मई से शुरू होगी, जब भगवान की भोग मूर्ति को गर्भगृह से सभा मंडप में लाया जाएगा। 19 मई को डोली ओंकारेश्वर मंदिर से प्रस्थान कर रांसी और फिर गौंडार गांव होते हुए 21 मई को मंदिर पहुंचेगी। इसी दिन सुबह 11 बजे कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।
गौरी माई मंदिर के कपाट भी खुले
सर्दियों के छह महीने के अंतराल के बाद, केदारनाथ यात्रा के अहम पड़ाव गौरीकुंड में स्थित ‘मां गौरी माई’ मंदिर के कपाट भी खोल दिए गए हैं। बैसाखी के दिन सुबह मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद अब भक्त माता के दर्शन कर आशीर्वाद ले सकेंगे।

