उत्तराखंड के लोक निर्माण विभाग ने राज्य के सड़क नेटवर्क को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए तीन साल का एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। इस योजना के तहत पर्वतीय क्षेत्रों के सभी सिंगल लेन नेशनल हाईवे को डबल लेन में बदला जाएगा, जिससे दुर्गम इलाकों तक पहुंच आसान और सफर सुरक्षित हो सकेगा। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में यातायात के भारी दबाव को देखते हुए नेशनल हाईवे को फोर लेन में विकसित किया जाएगा। एचओडी राजेश शर्मा के अनुसार, इस परियोजना से न केवल स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि चारधाम यात्रा पर आने वाले करोड़ों तीर्थयात्रियों का सफर भी सुगम और सुव्यवस्थित होगा।
1,000 किमी सड़कें होंगी डबल लेन, मैदानी हाईवे बनेंगे फोर लेन
पर्वतीय क्षेत्रों में विभाग के तहत लगभग 2,000 किमी नेशनल हाईवे हैं, जिनमें से करीब 1,000 किमी सड़कें अभी भी सिंगल लेन हैं। अगले तीन वर्षों में इन सभी सड़कों को चौड़ा कर डबल लेन किया जाएगा। इसी तरह, देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर जैसे मैदानी जिलों में करीब 155 किमी सिंगल लेन हाईवे को फोर लेन में बदला जाएगा ताकि बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम किया जा सके।
ब्लैक स्पॉट का खात्मा और खतरनाक मोड़ों में सुधार
सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ विभाग ने हादसों को रोकने के लिए विशेष योजना बनाई है। इसके तहत सड़कों पर चिन्हित ‘ब्लैक स्पॉट’ को खत्म किया जाएगा। साथ ही, पहाड़ों में तीव्र मोड़ और खतरनाक ढलानों को सुधारा जाएगा ताकि सड़क सुरक्षा मानकों को ऊंचा किया जा सके और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत
पहाड़ी इलाकों में सड़कों के सुदृढ़ीकरण से चारधाम यात्रा के दौरान होने वाले जाम और अन्य दिक्कतों से मुक्ति मिलेगी। चरणबद्ध तरीके से होने वाले इस काम से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य के दूरदराज के गांवों की कनेक्टिविटी भी मुख्यधारा से मजबूत होगी, जिससे आर्थिक विकास के नए रास्ते खुलेंगे।

