यमुना घाटी के प्रसिद्ध सोमेश्वर महादेव मंदिर के कपाट बैसाखी के शुभ अवसर पर मंगलवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। उत्तरकाशी के बड़कोट स्थित खरसाली गाँव, जो माँ यमुना का शीतकालीन प्रवास स्थल भी है, वहां वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मंदिर के द्वार खोले गए। चार महीने के शीतकालीन अवकाश के बाद हुई इस मंदिर की शुरुआत के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए एकत्र हुए।
कपाट खुलने की धार्मिक प्रक्रिया
कपाट खुलने से पहले मंदिर परिसर में विशेष हवन और पूजन का आयोजन किया गया। तीर्थ पुरोहितों ने सुबह के समय पारंपरिक विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई, जिसके पश्चात मंदिर के द्वार खोले गए। कपाट खुलने के तुरंत बाद भगवान सोमेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक और विशेष आरती की गई, जिसमें भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
चार माह बाद कपाट खुलने की परंपरा
पौराणिक मान्यताओं और स्थानीय परंपरा के अनुसार, सोमेश्वर महादेव मंदिर के कपाट शीतकाल के दौरान लगभग चार महीने के लिए बंद कर दिए जाते हैं। हर साल बैसाखी के पर्व पर इन्हें दोबारा विधिवत रूप से खोला जाता है। यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था का एक बड़ा केंद्र है और माँ यमुना की शीतकालीन डोली भी इसी गांव में विराजित रहती है।

