सदन में महिला आरक्षण बिल के गिर जाने जाने के बाद जहां इसके लिए भाजप-कांग्रेस को आरक्षण विरोधी बता रही है वहीं अब कांग्रेस भी देश भर में अलग-अलग राज्यों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा को ही महिला आरक्षण विरोधी बता रही है। कुल मिलाकर महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर देशभर में भाजपा और कांग्रेस खुलकर आमने-सामने आ चुकी हैं।
इस क्रम में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा का घेराव करते हुए कहा कि भाजपा सरकार महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन का खेल खेलना चाहती थी, जिसे कांग्रेस ने कामयाब होने नहीं दिया। अगर भाजपा महिला आरक्षण करना चाहती है तो मौजूदा सीटों पर ही आरक्षण क्यों नहीं कर देती? आखिर क्यों महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन करना ही भाजपा का एक मात्र मुख्य उद्देश्य है…राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह भाजपा का दोहरा चेहरा है और कांग्रेस किसी भी कीमत पर भाजपा को देश की महिलाओं के साथ खिलवाड़ नहीं करने देगी।
कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा का गढ़वाल दौरा
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कुमाऊं मंडल और हरिद्वार-देहरादून के सफल दौरे के बाद, अब प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा 4 मई से गढ़वाल क्षेत्र के चार जिलों के दौरे पर निकल रही हैं। इस छह दिवसीय दौरे का मुख्य उद्देश्य जमीन स्तर पर कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेना और संगठन को आगामी चुनाव के लिए मजबूत बनाना है। इस दौरान वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर चुनावी रणनीति पर मंथन करेंगी।
गढ़वाल के चार जिलों का दौरा और रणनीति
कुमारी सैलजा अपने दूसरे चरण के अभियान के तहत चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और टिहरी जिले का दौरा करेंगी। टिहरी जिले से शुरू होने वाले इस प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत वे हर जिले में कार्यकर्ताओं की ‘नब्ज’ टटोलेंगी, यानी उनकी समस्याओं और सुझावों को प्रत्यक्ष रूप से सुनेंगी। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अनुसार, इस कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
चुनावी तैयारियों पर संगठन का जोर
इस दौरे के दौरान पार्टी के सभी बड़े और वरिष्ठ नेता सैलजा के साथ मौजूद रहेंगे। बैठकों का मुख्य एजेंडा संगठनात्मक मजबूती और बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना है। इससे पहले वे तराई क्षेत्रों का दौरा कर चुकी हैं, और अब पहाड़ी जिलों में संगठन की पकड़ मजबूत करने के लिए यह फीडबैक सत्र आयोजित किया जा रहा है ताकि भविष्य की चुनावी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके।

