मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि हेमकुण्ड साहिब रोपवे का निर्माण पूरा होने से श्रद्धालुओं की कठिन पर्वतीय यात्रा बेहद सरल और सुविधाजनक हो जाएगी। बैसाखी के अवसर पर देहरादून में सिख समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें ‘सरोपा’ भेंट किया और सम्मानित किया। इस दौरान सीएम ने कहा कि यह परियोजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए आस्था के इस केंद्र तक पहुँचना आसान बनाएगी।
1740 करोड़ की लागत से बनेगा रोपवे
हेमकुण्ड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से लगभग 1740 करोड़ रुपये की लागत से इस रोपवे परियोजना का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को श्रद्धालुओं के लिए एक “मील का पत्थर” बताया, क्योंकि इससे समय की बचत होगी और दुर्गम रास्तों पर चलने की मजबूरी खत्म होगी।
सिख समुदाय का सम्मान और मुख्यमंत्री की यादें
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने सिख समुदाय के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने नानकमत्ता साहिब की पावन भूमि और गुरबाणी के साथ अपने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा कि गुरबाणी के संदेशों ने उन्हें हमेशा सत्य, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। उन्होंने बैसाखी को सामाजिक एकता और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक बताया।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल मुख्य व्यक्तित्व
इस शिष्टाचार भेंट के दौरान उत्तराखंड किसान आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नामधारी, जनसंख्या नियंत्रण समिति के अध्यक्ष दिनेश मंसैरा और विधायक सुरेश गड़िया सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने सिख समुदाय के मान-सम्मान और धार्मिक आस्था के संरक्षण के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

