देहरादून। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के साथ-साथ राज्य के अन्य ऐतिहासिक और पौराणिक मंदिरों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने इस वर्ष नया रिकॉर्ड कायम किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम और मानसखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में उमड़ रही भक्तों की भारी भीड़ उत्तराखंड को ‘वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में स्थापित करने के संकल्प का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए केदारखंड की तर्ज पर ‘मानसखंड मंदिरमाला मिशन’ के तहत पौराणिक मंदिरों का विकास किया जा रहा है और बुनियादी सुविधाओं के साथ सड़कों का विस्तार किया जा रहा है।
प्रमुख धामों में बने श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड आंकड़े
उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री धाम में 2 अगस्त तक 6.55 लाख तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं, जो धाम के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक संख्या है। इससे पूर्व 2025 में 6.44 लाख, 2024 में 5.15 लाख, 2023 में 5.61 लाख, 2022 में 6.21 लाख और 2021 में मात्र 33,331 श्रद्धालु पहुंचे थे।
चारधाम यात्रा में अब तक कुल 45.84 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। वहीं अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम में जनवरी से जून तक 1.74 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जो बीते वर्ष (67,875) की तुलना में ढाई गुना अधिक है। नैनीताल के कैंची धाम में जनवरी से जून तक 24.34 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं। वहीं चंपावत के पूर्णागिरि धाम में जून तक 20.91 लाख (बीते वर्ष 14.35 लाख) श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जिसमें डेढ़ गुना वृद्धि दर्ज हुई है।
धारी देवी में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 5.42 लाख (बीते वर्ष 2.83 लाख) और त्रियुगीनारायण में 3.40 लाख (बीते वर्ष 1.36 लाख) पहुंच गई है। पिथौरागढ़ के आदि कैलाश धाम में भी दो माह में 52,441 श्रद्धालु पहुंचे हैं।
इसके अलावा, रुद्रप्रयाग के कार्तिक स्वामी मंदिर और टिहरी के सुरकंडा देवी मंदिर में भी भक्तों की भीड़ में भारी बढ़ोतरी हुई है। वहीं टिहरी जिले के ऋषिकेश से सटे मुनि की रेती, तपोवन और शिवपुरी क्षेत्र में जनवरी से जून तक 15.97 लाख से अधिक सैलानी पहुंचे हैं, जो बीते वर्ष के 13.62 लाख के आंकड़े से काफी अधिक है। ये आंकड़े साबित करते हैं कि उत्तराखंड के धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन में ऐतिहासिक उछाल आया है।

