देहरादून। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड के ऊर्जा भवन में स्वतंत्रता दिवस पर प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने ध्वजारोहण कर 15 नवंबर तक बिजली लाइनों को भूमिगत करने का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एशियन डेवलपमेंट बैंक परियोजना के तहत चल रहे कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया। इस फैसले का सीधा असर देहरादून की बिजली व्यवस्था की सुरक्षा और सुचारू आपूर्ति पर पड़ेगा।
ऊर्जा भवन में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने एडीबी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य की प्रगति की समीक्षा की और 15 नवंबर तक काम पूरा करने की सख्त हिदायत दी।
प्रबंध निदेशक ने राज्य में स्मार्ट मीटर योजना की रफ्तार बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के प्रति जागरूक किया जाए और उनकी बिजली से जुड़ी शिकायतों व समस्याओं का तुरंत निस्तारण किया जाए।
यूपीसीएल के भविष्य के बड़े रोडमैप को सामने रखते हुए प्रबंध निदेशक ने कॉर्पोरेशन को अगले वित्तीय वर्ष तक 50 हजार करोड़ रुपये की कंपनी बनाने का लक्ष्य रखा। इस बड़े टर्नओवर को हासिल करने के लिए उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों से पूरी निष्ठा के साथ काम करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले ऊर्जा भवन व मुख्यालय के चयनित अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। एमडी पीसी ध्यानी ने कार्मिकों को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस विशेष अवसर पर यूपीसीएल के निदेशक एमआर आर्य, कमल शर्मा, आरजे मलिक और संजय कुमार टम्टा समेत निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
बिजली लाइनों के भूमिगत होने से देहरादून शहर को न केवल बिजली कटौती और हादसों से राहत मिलेगी, बल्कि मानसून और खराब मौसम में भी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। वहीं, 50 हजार करोड़ के लक्ष्य से कॉर्पोरेशन की आर्थिक स्थिति को नई मजबूती मिलेगी।

