जनता पर बढ़ेगा बोझ! बिजली बिल में जुड़ सकता है स्ट्रीट लाइट का खर्च, 2% उपकर लगाने की तैयारी

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उत्तराखंड के शहरी विकास विभाग की सुस्ती अब आम बिजली उपभोक्ताओं पर भारी पड़ने जा रही है। अब शहरों में जलने वाली स्ट्रीट लाइटों का बिजली बिल भी सीधे जनता की जेब से वसूलने की तैयारी चल रही है। इसके लिए शहरी विकास विभाग ने बिजली बिल पर दो प्रतिशत अतिरिक्त उपकर लगाने का एक प्रस्ताव ऊर्जा विभाग को भेजा है।

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प्रमुख सचिव-ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम ने जानकारी दी है कि इस प्रस्ताव का गंभीरता से अध्ययन किया जा रहा है। दरअसल, नगर निकाय अपने आर्थिक संसाधनों को बढ़ाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं; वे न तो हाउस टैक्स की शत-प्रतिशत वसूली कर पा रहे हैं और न ही विज्ञापन टैक्स वसूलने में सफल हो रहे हैं।

निकायों की इसी खस्ताहाल माली हालत को सुधारने और स्ट्रीट लाइट पर होने वाले बिजली के भारी खर्च को समायोजित करने के लिए आम उपभोक्ताओं पर यह नया भार डालने की सिफारिश की गई है। हालांकि, पहले से ही वाटर टैक्स, सेस, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी चार्ज, फ्यूल पावर परचेज कास्ट एडजस्टमेंट चार्ज और एडिशनल सिक्योरिटी चार्ज जैसे तमाम टैक्स झेल रहे उपभोक्ताओं के लिए यह एक बड़ा झटका है।

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गुरुवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव की समीक्षा की गई और इसके हर पहलू का बारीकी से अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि अंदरखाने ऊर्जा विभाग भी स्ट्रीट लाइट के नाम पर दो प्रतिशत सरचार्ज लगाने के इस फैसले से पूरी तरह सहमत नजर नहीं आ रहा है।

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