उत्तराखंड के देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी के डॉक्टरों की कमी को दूर करने के सरकारी प्रयासों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब 64 रिक्त पदों को भरने के लिए आयोजित इंटरव्यू में महज छह डॉक्टर ही शामिल होने पहुंचे। विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी से जूझ रहे इस मेडिकल कॉलेज में इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद अभ्यर्थियों की यह बेरुखी और उदासीनता अब प्रशासन के लिए गहरी चिंता का विषय बनी हुई है।
कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने बताया कि विभिन्न विभागों के इन 64 पदों के लिए गुरुवार को साक्षात्कार आयोजित किए गए थे, जिसमें भाग लेने वाले छह डॉक्टरों में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर पद के लिए एक, मेडिसिन विभाग में एक एसोसिएट प्रोफेसर व एक असिस्टेंट प्रोफेसर, सर्जरी विभाग में दो असिस्टेंट प्रोफेसर और कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में एक असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल रहे।
इस संकट के बीच कॉलेज में चल रही भर्ती प्रक्रिया की धीमी रफ्तार पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि इससे पहले 25 मई को हुए साक्षात्कार में चयनित करीब दस डॉक्टरों का परिणाम एक महीना बीत जाने के बाद भी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया जा सका है।
हालांकि, इस लेतीफ़ली पर सफाई देते हुए प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने कहा कि इंटरव्यू के बाद का पूरा ब्योरा निदेशालय के माध्यम से शासन को समय पर भेजा जा चुका है और जैसे ही वहां से अंतिम परिणाम जारी होगा, चयनित डॉक्टरों की जॉइनिंग तुरंत करा दी जाएगी।

